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खोतिला में भारी भूस्खलन, चार छोटे मंदिर दबे

Tue, 04 Oct 2016 10:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Tue, 04 Oct 2016 10:15 PM IST
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Khotila huge landslide buried four small temple
महाकाली में पट रहा भूस्खलन के साथ निकला मलबा - फोटो : अमर उजाला

तहसील मुख्यालय से सटे खोतिला कस्बे में मंगलवार सुबह करीब दस बजे हुए भारी भूस्खलन में गांव को जोड़ने वाला 80 मीटर लंबा पैदल रास्ता दब गया है। भूस्खलन के साथ लोक देवताओं के चार छोटे मंदिर भी बहकर महाकाली में समा गए हैं। भूस्खलन के साथ निकला सारा मलबा महाकाली में पट गया है, यदि भूस्खलन जारी रहा तो महाकाली का प्रवाह रुक सकता है। रास्ता टूटने से खोतिला कस्बे के 400 परिवारों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। अब भी पहाड़ से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है। प्रशासन ने भूस्खलन वाले स्थान से आवाजाही रोकने के लिए होमगार्ड के दो जवान तैनात कर दिए हैं। खोतिला जाने वाले रास्ते पर रविवार की रात ही दरार पड़ गई थी। तभी से खतरे की आशंका बढ़ने लगी थी।

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बताया गया कि मंगलवार सुबह करीब दस बजे जोरदार धमाके के साथ पहाड़ी पर भूस्खलन हो गया। सौभाग्य से उस समय इस रास्ते से कोई आवाजाही नहीं हो रही थी। पहाड़ के टूटने के साथ निकला सारा मलबा महाकाली में पट गया है। इससे खोतिला कस्बे के लोग दहशत में हैं, यदि भूकटाव ज्यादा बढ़ा तो कस्बे को भी खतरा हो सकता है। व्यासनगर युवा संगठन के अध्यक्ष कृष्ण सिंह नपलच्याल, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय गर्ब्याल और जिला पंचायत सदस्य मंजुला बुदियाल ने बताया कि पहाड़ी पर लोक देवताओं के चार छोटे मंदिर थे। वह भी भूस्खलन की चपेट में आकर नष्ट हो गए हैं। तहसीलदार आईबी मल्ल ने लोनिवि के अधिकारियों और राजस्व टीम के साथ मौका मुआयना किया।
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उन्होंने कहा कि इस इलाके में आवाजाही बंद कर दी गई है और पीआरडी के दो जवान तैनात कर दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाजार जाने के लिए अब इस टूटे रास्ते का उपयोग न करें। लोगों को दो किलोमीटर घूमकर सुरक्षित रास्ते से बाजार जाने के लिए कहा गया है। स्कूली बच्चों को आने-जाने में होने वाली दिक्कत को देखते हुए खोतिला के कुछ परिवार किराए में कमरा लेकर धारचूला बाजार में रहने लगे हैं। खोतिला के लोगों ने मांग की है कि इस इलाके का भूगर्भीय सर्वे कराया जाए। 2013 से खोतिला कस्बा भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हो चुका है।
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बीच सड़क पर पड़ा 16 फीट का गड्ढा 
मदकोट/मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मदकोट-मुनस्यारी मार्ग पर ठीक मदकोट बाजार में खराब मौसम के दौरान सड़क पर अचानक गड्ढा बन गया। करीब दो फीट ब्यास वाले इस गड्ढे की गहराई 16 फीट से ज्यादा है। लोगों ने गड्ढे में बांस का डंडा डाला तो वह पूरा ही उसमें समा गया। अचानक यह गड्ढा कैसे बना इसे लेकर लोग भारी आश्चर्य में हैं। जहां पर यह गड्ढा बना है, ठीक उसके पास ही दयाराम का मकान भी है। लोग भयभीत हैं कि कहीं यह गड्ढा बड़े भूस्खलन का कारण न बन जाए। सीमा सड़क संगठन की टीम ने अब तक गड्ढे का निरीक्षण नहीं किया है। 

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