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कैलाश यात्रियों का डीडीहाट और मिर्थी में स्वागत
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:15 PM IST
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कैलास यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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कैलाश मानसरोवर यात्रियों के 11वां दल रविवार को डीडीहाट और आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में भव्य स्वागत हुआ। यात्रियों को डीडीहाट पर्यटक आवासगृह में दोपहर भोजन में भट के डुबके, भांग की चटनी, स्थानीय सब्जियां और खीर परोसी गई। यात्री दोपहर बाद आधार शिविर धारचूला रवाना हो गए।
यात्री दल के जनसंपर्क अधिकारी सुभाष प्रसाद गुप्ता ने बताया कि सावन के पवित्र महीने में कैलाश दर्शन के लिए सभी 57 यात्री उत्साहित हैं। इस दल में 44 पुरुष और 13 महिला यात्री हैं। दल में सबसे बुजुर्ग यात्री 67 वर्षीय राजस्थान निवासी श्रीकृष्ण गुप्ता औक सबसे छोटे यात्री 24 वर्षीय मध्य प्रदेश निवासी महेश नागदा ने कहा कि कैलाश यात्रा पर जाना परम सौभाग्य की बात है। डीडीहाट पर्यटक आवासगृह पहुंचने पर प्रबंधक आनंद आर्या ने यात्रियों का स्वागत किया। अल्प विश्राम के बाद यात्री आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी पहुंचे। वहां सेनानी महेंद्र प्रताप ने यात्रियों का स्वागत किया। छलिया नृत्य में कई कैलाश यात्री भी खूब थिरके। सेनानी ने यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र के पैदल रास्तों और बदलते मौसम की जानकारी दी। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियंत्रण कक्ष के मुताबिक यात्रियों का सातवां दल वापसी में बूंदी पहुंच गया है। आठवां दल तिब्बत के कुंगू और 9वां दल तकलाकोट में है। दसवें दल के यात्री रविवार को गुंजी पहुंच गए हैं। आईटीबीपी में यात्रियों का स्वागत करने वालों में कुलदीप सिंह, हरवंश लाल, डॉ. गिरीश, डॉ. दीपोक गोगई, विक्रांत बिष्ट सहित तमाम अधिकारी और जवान मौजूद थे।
यात्री दल के जनसंपर्क अधिकारी सुभाष प्रसाद गुप्ता ने बताया कि सावन के पवित्र महीने में कैलाश दर्शन के लिए सभी 57 यात्री उत्साहित हैं। इस दल में 44 पुरुष और 13 महिला यात्री हैं। दल में सबसे बुजुर्ग यात्री 67 वर्षीय राजस्थान निवासी श्रीकृष्ण गुप्ता औक सबसे छोटे यात्री 24 वर्षीय मध्य प्रदेश निवासी महेश नागदा ने कहा कि कैलाश यात्रा पर जाना परम सौभाग्य की बात है। डीडीहाट पर्यटक आवासगृह पहुंचने पर प्रबंधक आनंद आर्या ने यात्रियों का स्वागत किया। अल्प विश्राम के बाद यात्री आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी पहुंचे। वहां सेनानी महेंद्र प्रताप ने यात्रियों का स्वागत किया। छलिया नृत्य में कई कैलाश यात्री भी खूब थिरके। सेनानी ने यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र के पैदल रास्तों और बदलते मौसम की जानकारी दी। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियंत्रण कक्ष के मुताबिक यात्रियों का सातवां दल वापसी में बूंदी पहुंच गया है। आठवां दल तिब्बत के कुंगू और 9वां दल तकलाकोट में है। दसवें दल के यात्री रविवार को गुंजी पहुंच गए हैं। आईटीबीपी में यात्रियों का स्वागत करने वालों में कुलदीप सिंह, हरवंश लाल, डॉ. गिरीश, डॉ. दीपोक गोगई, विक्रांत बिष्ट सहित तमाम अधिकारी और जवान मौजूद थे।
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