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गुंजी पहुंचे 12वें दल के कैलाश यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:13 PM IST
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यात्रा पूरी कर पिथौरागढ़ पहुंचे नवें दल के कैलाश यात्री
- फोटो : अमर उजाला
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मौसम खुलने के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा सुचारु हो गई है। बृहस्पतिवार को 12वें दल के यात्रियों को गुंजी तो वहां से 9वें दल के सदस्यों को पिथौरागढ़ लाया गया।
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बृहस्पतिवार को मौसम साफ होने से 12वें दल के 43 यात्रियों को गुंजी पहुंचाया गया। गुंजी से 9वें दल के 52 यात्रियों को पिथौरागढ़ लाया गया। यात्रियों ने बताया कि उन्हें यात्रा में किसी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी कंट्रोल रूम मिर्थी से मिली जानकारी के अनुसार 10वें दल के 25 यात्री तकलाकोट से दार्चिन को रवाना हो गए हैं। 11वें दल के 60 यात्री नाभीगांव में हैं। यात्री शुक्रवार को गुंजी लौटेंगे।
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चीन में है लग्जरी वाहनों की सुविधा
पिथौरागढ़। मानसरोवर यात्रा के 9वें दल के संपर्क अधिकारी आईपीएस रोशन लाल शर्मा ने बताया कि यात्रा निर्विघ्न रूप से संपन्न हुई। यात्रियों को कहीं भी किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। चीनी सुरक्षा एजेंसियों का व्यवहार काफी अच्छा था। बताया कि लिपुपास से आधा किमी दूर तक चीन ने सड़क बना ली है। यात्री लग्जरी वाहनों से आगे की यात्रा पर गए। तिब्बत में पठार होने के चलते सड़क बनाना आसान है, जबकि हमारे यहां दुर्गम पहाड़ हैं। इसके चलते सड़क बनाने में विलंब हो रहा है। यात्रियों का यह भी मानना था कि कैलाश यात्रा हवाई सेवा के बजाय पैदल होनी चाहिए। इसके लिए भारत को सीमा क्षेत्र में पैदल और सड़क मार्ग को ठीक रखना होगा।
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शिवलिंग रूपी पत्थर को साथ लाए
पिथौरागढ़। पहली बार कैलाश यात्रा पर गए जोधपुर बाबा विश्वनाथ ने कहा कि भोले की माया निराली है। बगैर किसी बाधा के उन्हें कैलाश दर्शन का सौभाग्य मिला। बाबा गुरु गोरखनाथ संप्रदाय से हैं। उन्होंने बताया कि कैलाश के चरण स्पर्श के दौरान उन्हें शिवलिंग रूपी पत्थर मिला। भोलेनाथ का प्रसाद समझ उसे वह अपने साथ ले आएं। पर्यटक आवास गृह में अन्य लोगों ने भी शिवलिंग के दर्शन किए।