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कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार 25 दिन की होगी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 01 Mar 2017 10:24 PM IST
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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का गाला पड़ाव
- फोटो : अमर उजाला
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कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार 25 दिन की होगी। पिछले वर्ष तक दिल्ली से चलने के बाद यात्रियों को दिल्ली वापस पहुंचने में 26 दिन का समय लगता था। इस बार यात्री वापसी में बूंदी से मांगती होते हुए सीधे धारचूला आ जाएंगे। मांगती से यात्रियों को वाहनों से धारचूला लाया जाएगा। पिछले साल तक यात्री बूंदी से गाला, सिर्खा, नारायणआश्रम होते हुए लौटते थे। उनको गाला में पड़ाव करना पड़ता था। इस बार वापसी के समय गाला पड़ाव नहीं रहेगा।
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विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 12 जून से शुरू करने का फैसला लिया है। यात्रियों के जाने का रूट दिल्ली से काठगोदाम, अल्मोड़ा, धारचूला, नारायणआश्रम, बूंदी, गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, लिपुलेख रहेगा। वापसी में भी बूंदी तक यात्री इसी रूट से आएंगे, लेकिन बूंदी से यात्रियों को मांगती होते हुए तवाघाट के रास्ते धारचूला लाया जाएगा। यात्री दलों में अधिकतम लायजन आफीसर समेत 60 लोग होंगे। क्योंकि कुमाऊं मंडल विकास निगम के यात्रा पड़ावों पर इससे ज्यादा यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था नहीं है।
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केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि यात्रियों का ऑनलाइन पंजीकरण 15 मार्च तक होगा। उसके बाद ही यह पता चलेगा कि कितने लोग यात्रा के लिए आवेदन करते हैं। यात्रा शुरू होने के चार दिन पहले यात्री दिल्ली पहुंचेंगे। वहां पर मेडिकल परीक्षण और अन्य औपचारिकताएं होंगी। उन्होंने बताया कि इस समय निगम का सारा ध्यान यात्रा संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर ही है।
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