{"_id":"5cffdc87bdec22072b5a7b6e","slug":"kailaash-ke-darshan-kar-lauta-pahala-samooh","type":"story","status":"publish","title_hn":"दारमा घाटी से आदि कैलाश के दर्शन कर लौटा पहला दल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दारमा घाटी से आदि कैलाश के दर्शन कर लौटा पहला दल
Tue, 11 Jun 2019 10:23 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Tue, 11 Jun 2019 10:23 PM IST
विज्ञापन
वेदांग चौकी में आईटीबीपी जवानों के साथ आदि कैलाश यात्री।
- फोटो : पिथौरागढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दारमा घाटी से आदि कैलाश के दर्शन के लिए गया यात्रियों का पहला दल लौट आया है। दल के सदस्यों का धारचूला में जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए।
21 सदस्यीय दल में 13 पुरुष और आठ महिलाएं थीं। पहली बार दारमा घाटी से आदि कैलाश की यात्रा कर लौटे यात्री काफी अभिभूत नजर आए। टीम लीडर चैतन्य कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान पंचाचूली, पंचधारा, शिवहस्त पद, महादेव गुफा, पार्वती कुंड, कैलाश, विष्णु कुंड, गौरी कुंड के दर्शन किए। यात्रियों को दारमा घाटी की सुंदरता ने बेहद प्रभावित किया। यूपी निवासी राजेंद्र कुमार बाजपेयी, केरला की धनुजा चेत्रा, राजस्थान निवासी शिवानी ने कहा कि यह पैदल यात्रा अविस्मरणीय है।
मूल रूप से दांतू गांव निवासी और वर्तमान में बरेली में रह रहे भाई बहन अस्मित सिंह दताल और दीपाली भी काफी खुश नजर आए। यात्रियों ने यात्रा के दौरान मिले सहयोग के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस के डीआईजी एपीएस निम्बाडिया और दीलिंग दारमा समिति का आभार जताया। इस यात्रा में दांतू गांव के होम स्टे संचालक संजय दताल, महेश दताल, गाइड लक्ष्मण बंग्याल, आशा और जयेंद्र फिरमाल ने सहयोग दिया। दीलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह सेलाल और महासचिव पूरन सिंह ग्वाल का कहना है कि पहले दल की सफल यात्रा से अन्य दल भी दारमा घाटी से यात्रा में जाएंगे। इससे पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
21 सदस्यीय दल में 13 पुरुष और आठ महिलाएं थीं। पहली बार दारमा घाटी से आदि कैलाश की यात्रा कर लौटे यात्री काफी अभिभूत नजर आए। टीम लीडर चैतन्य कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान पंचाचूली, पंचधारा, शिवहस्त पद, महादेव गुफा, पार्वती कुंड, कैलाश, विष्णु कुंड, गौरी कुंड के दर्शन किए। यात्रियों को दारमा घाटी की सुंदरता ने बेहद प्रभावित किया। यूपी निवासी राजेंद्र कुमार बाजपेयी, केरला की धनुजा चेत्रा, राजस्थान निवासी शिवानी ने कहा कि यह पैदल यात्रा अविस्मरणीय है।
विज्ञापन
मूल रूप से दांतू गांव निवासी और वर्तमान में बरेली में रह रहे भाई बहन अस्मित सिंह दताल और दीपाली भी काफी खुश नजर आए। यात्रियों ने यात्रा के दौरान मिले सहयोग के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस के डीआईजी एपीएस निम्बाडिया और दीलिंग दारमा समिति का आभार जताया। इस यात्रा में दांतू गांव के होम स्टे संचालक संजय दताल, महेश दताल, गाइड लक्ष्मण बंग्याल, आशा और जयेंद्र फिरमाल ने सहयोग दिया। दीलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह सेलाल और महासचिव पूरन सिंह ग्वाल का कहना है कि पहले दल की सफल यात्रा से अन्य दल भी दारमा घाटी से यात्रा में जाएंगे। इससे पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे।
विज्ञापन