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जटन विराजत गंग भोलेनाथ दिगंबर
Mon, 18 Mar 2019 11:17 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 18 Mar 2019 11:17 PM IST
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डीडीहाट में बैठकी होली का आनंद उठाते होल्यार।
- फोटो : पिथौरागढ़
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क्षेत्र में बैठकी और खड़ी होली की धूम मचनी शुरू हो गई है। हारमोनियम और तबले की थाप पर जहां बैठकी होली का आनंद उठाया जा रहा है तो वहीं ढोल, झांझरों के साथ खड़ी होली में होल्यार मस्त हैं।
वरिष्ठ होल्यार भगवती प्रसाद जोशी के आवास पर वयोवृद्ध होल्यार परसी लाल वर्मा ने राग काफी पर आधारित ‘जटन विराजत गंग भोलेनाथ दिगंबर’ सुनाई। भगवती जोशी ने राग काफी में ‘ही तू मृत्युलोक में आई नमो तारिणी गंगे’ सुनाई।
ओपी वर्मा ने राग जंगला काफी में ‘सारी डार गयो मोपे रंग की गगर, कैसा धोखा दिया’, संजू पंत ने ‘मुरली न बजाओ बहारी लाल, अब सांझ भई घर जाओ लला’, ललित भंडारी ने ‘कैसी बंसिया बजाई तोरे कान्या ले लरक’ ने दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। कविंद्र बिष्ट ने राग काफी में फागुन के ‘दिन चारी सखी रे, मोरे बलम मोसे मांगे, सोना मैं दूंगी, चांदी मैं दूंगी, बलम न दूंगी उधार’, राजकुमार ने ‘आज मैं बिन होरी खेले तुमसे नहीं जाऊंगी बनवारी’ का गायन कर माहौल को मस्त बना दिया।
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हारमोनियम पर परसी लाल वर्मा और तबले पर कविंद्र बिष्ट ने संगत दी। इस मौके पर रतन गिरी गोस्वामी, महेश चंद्र पंत, नरेंद्र बोरा, जितेंद्र जोशी, विनीत जोशी, उमेश जोशी, अमरनाथ नेगी, भुवन मोहन भंडारी समेत कई होल्यार मौजूद रहे।
वरिष्ठ होल्यार भगवती प्रसाद जोशी के आवास पर वयोवृद्ध होल्यार परसी लाल वर्मा ने राग काफी पर आधारित ‘जटन विराजत गंग भोलेनाथ दिगंबर’ सुनाई। भगवती जोशी ने राग काफी में ‘ही तू मृत्युलोक में आई नमो तारिणी गंगे’ सुनाई।
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ओपी वर्मा ने राग जंगला काफी में ‘सारी डार गयो मोपे रंग की गगर, कैसा धोखा दिया’, संजू पंत ने ‘मुरली न बजाओ बहारी लाल, अब सांझ भई घर जाओ लला’, ललित भंडारी ने ‘कैसी बंसिया बजाई तोरे कान्या ले लरक’ ने दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। कविंद्र बिष्ट ने राग काफी में फागुन के ‘दिन चारी सखी रे, मोरे बलम मोसे मांगे, सोना मैं दूंगी, चांदी मैं दूंगी, बलम न दूंगी उधार’, राजकुमार ने ‘आज मैं बिन होरी खेले तुमसे नहीं जाऊंगी बनवारी’ का गायन कर माहौल को मस्त बना दिया।
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हारमोनियम पर परसी लाल वर्मा और तबले पर कविंद्र बिष्ट ने संगत दी। इस मौके पर रतन गिरी गोस्वामी, महेश चंद्र पंत, नरेंद्र बोरा, जितेंद्र जोशी, विनीत जोशी, उमेश जोशी, अमरनाथ नेगी, भुवन मोहन भंडारी समेत कई होल्यार मौजूद रहे।