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Pithoragarh News: जल संस्थान का उपभोक्ताओं पर 68 लाख का बकाया

Wed, 29 Mar 2023 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 29 Mar 2023 11:33 PM IST
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Jal Sansthan consumer arrears bill recovery
पिथौरागढ़। मार्च समाप्त होने को है और जल संस्थान को उपभोक्ताओं से 68 लाख रुपये का बकाया वसूलना बाकी है। बकाया वसूलने के लिए विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। उम्मीद है कि अप्रैल पहले सप्ताह तक बकाया वसूल लिया जाएगा।
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जल संस्थान का सात करोड़ रुपये बकाया जमा कराने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 68 लाख का ही बकाया शेष रह गया है। बीते दिन विभाग ने 18 लाख रुपये का बकाया जमा कराया। अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि अधिकतर सरकारी विभागों का बकाया जमा हो गया है।
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अभी लोनिवि पर आठ लाख, सिंचाई विभाग पर छह लाख और डिग्री काॅलेज पर 8.50 लाख रुपये का बकाया है।लोनिवि और सिंचाई विभाग का बकाया अप्रैल पहले सप्ताह में जमा होने की उम्मीद है लेकिन डिग्री काॅलेज के बकाए में अब भी पेंच है। जोशी ने बताया कि प्राचार्य का कहना है कि कोविड काल को छोड़कर अन्य समय का बकाया देने को तैयार हैं। इसके अलावा अन्य विभागों और उपभोक्ताओं को भी बकाया जमा करना है।
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पिकअप, खच्चरों से बांटेंगे पानी
पिथौरागढ़। इस बार अपेक्षाकृत बारिश नहीं होने से जलस्रोत रिचार्ज नहीं हो पाए हैं। इसके चलते गर्मियों में पानी की गंभीर समस्या हो सकती है। इसे देखते हुए जल संस्थान ने पिकअप और खच्चरों से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की है। अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि विभाग के पास नगर में पांच और गंगोलीहाट में एक पिकअप वाहन है। यदि वाहनों की नई स्क्रेप पॉलिसी लागू हुई तो तीन पिकअप वाहन बाहर हो जाएगे। इनके बदले तीन नए पिकअप वाहन खरीदे जाएगे। पिकअप से पेयजल वितरण के लिए कोटेशन लगाया गया है। गंगोलीहाट, मूनाकोट, विण, कनालीछीना में पानी की कमी को देखते हुए इसका वितरण किया जाएगा। संवाद



यहां एक दिन छोड़कर मिल रहा पानी
पिथौरागढ़। नगर क्षेत्र में प्रतिदिन 12.50 एमएलडी पानी की जरूरत है। इसके सापेक्ष 11 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति हो पा रही है। जलस्रोतों में पानी कम होने से रई का कुछ हिस्सा, विण, पितरोटा और बजेटी जोन में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। भैलोत योजना से दो एमएलडी पानी नगर में आता है। गर्मी बढ़ने पर इसके स्रोत पर भी असर पड़ेगा। साथ ही ठूलीगाड़ और रई में भी पानी की किल्लत हो सकती है। संवाद
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