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पिथौरागढ़: करोड़ों की लागत से बना आईटीआई बनकोट बना शोपीस
Tue, 14 Feb 2023 12:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 14 Feb 2023 12:22 AM IST
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गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। क्षेत्र का बनकोट आईटीआई भवन शो पीस बनकर रह गया है। किराए के भवन से हस्तांतरित होकर खुद के भवन में आईटीआई शिफ्ट हुआ लेकिन स्टाफ न होने से छात्र-छात्राएं पिथौरागढ़ आईटीआई में पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
वर्ष 2014-15 में खुला बनकोट आईटीआई का शुभारंभ तत्कालीन विधायक नारायण राम आर्य ने किया था। दो ट्रेड वेल्डर और फिटर के साथ आईटीआई की शुरुआत हुई। वर्ष 2018 तक कक्षाओं का संचालन हुआ। आईटीआई खुलने के बाद क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार मिलने की उम्मीद जगी थी। इसके बाद उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम लिमिटेड ने दो करोड़ तिरसठ लाख रुपये की लागत से भवन बनाया। निर्माण पूरा होने के बाद आईटीआई के लिए सरकार स्टाफ देना भूल गई। अब क्षेत्र के 17 युवा पिथौरागढ़ आईटीआई में पढ़ाई कर रहे हैं।
ग्राामीण क्षेत्र की जनता और छात्रों को साथ लेकर आईटीआई भवन में कक्षाओं के संचालन के लिए आंदोलन किया जाएगा। आखिर यह कैसी व्यवस्था है करोड़ों खर्च कर भवन बनाया लेकिन संचालन नहीं हो रहा है। -तारा बनकोटी, प्रधान बनकोट।
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ग्रामीण क्षेत्र के गरीब छात्र-छात्राओं को पिथौरागढ़ या अन्य जगह जाना पड़ रहा है। जल्द ही आईटीआई भवन का संचालन किया जाना चाहिए। जब संचालन ही नहीं करना था तो आखिर करोड़ों खर्च क्यों किए गए। -अभिनेष बनकोटी, सामाजिक कार्यकर्ता बनकोट।
बनकोट आईटीआई क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा देने के लिए खोला गया। शुरुआत में सब ठीक रहा लेकिन अब यहां के युवा स्टाफ न होने के कारण पिथौरागढ़ में कमरा लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। -महेश डसीला, क्षेत्र पंचायत सदस्य, बासीखेत लग्गा ढनोलासेरा।
आईटीआई बनकोट के नये भवन में इस सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। इस मामले में उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई है। करोड़ों के बने भवन को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। -जितेंद्र प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि गणाईगंगोली।
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वर्ष 2014-15 में खुला बनकोट आईटीआई का शुभारंभ तत्कालीन विधायक नारायण राम आर्य ने किया था। दो ट्रेड वेल्डर और फिटर के साथ आईटीआई की शुरुआत हुई। वर्ष 2018 तक कक्षाओं का संचालन हुआ। आईटीआई खुलने के बाद क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार मिलने की उम्मीद जगी थी। इसके बाद उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम लिमिटेड ने दो करोड़ तिरसठ लाख रुपये की लागत से भवन बनाया। निर्माण पूरा होने के बाद आईटीआई के लिए सरकार स्टाफ देना भूल गई। अब क्षेत्र के 17 युवा पिथौरागढ़ आईटीआई में पढ़ाई कर रहे हैं।
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ग्राामीण क्षेत्र की जनता और छात्रों को साथ लेकर आईटीआई भवन में कक्षाओं के संचालन के लिए आंदोलन किया जाएगा। आखिर यह कैसी व्यवस्था है करोड़ों खर्च कर भवन बनाया लेकिन संचालन नहीं हो रहा है। -तारा बनकोटी, प्रधान बनकोट।
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ग्रामीण क्षेत्र के गरीब छात्र-छात्राओं को पिथौरागढ़ या अन्य जगह जाना पड़ रहा है। जल्द ही आईटीआई भवन का संचालन किया जाना चाहिए। जब संचालन ही नहीं करना था तो आखिर करोड़ों खर्च क्यों किए गए। -अभिनेष बनकोटी, सामाजिक कार्यकर्ता बनकोट।
बनकोट आईटीआई क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा देने के लिए खोला गया। शुरुआत में सब ठीक रहा लेकिन अब यहां के युवा स्टाफ न होने के कारण पिथौरागढ़ में कमरा लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। -महेश डसीला, क्षेत्र पंचायत सदस्य, बासीखेत लग्गा ढनोलासेरा।
आईटीआई बनकोट के नये भवन में इस सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। इस मामले में उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई है। करोड़ों के बने भवन को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। -जितेंद्र प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि गणाईगंगोली।