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मनरेगा की मद में आठ करोड़ का उधार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़
Updated Sun, 22 Mar 2015 01:43 AM IST
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मनरेगा की मद में जिला प्रशासन ने आठ करोड़ रुपए के काम उधार में कराए हैं। इस मद में निर्माण की लागत, जॉब कार्ड धारक मजदूरों और कर्मचारियों का भुगतान शामिल है। यदि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से धनराशि मिलती है तो कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान भी हो जाएगा।
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जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी ने आज मनरेगा कर्मचारियों के आंदोलन के संदर्भ में कहा कि सभी कर्मचारी संविदा में काम कर रहे हैं। उनका संविदा का समय 28 फरवरी को पूरा हो गया है। अब शासन से संविदा की अवधि बढ़ने संबंधी आदेश आने के बाद ही जरूरत के हिसाब से कर्मचारी रखे जाएंगे।
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इधर, मनरेगा कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। कर्मचारियों में संविदा की अवधि समाप्त होने पर गहरा आक्रोश है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को ज्ञापन भेजा। मनरेगा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष योगेश चंद का कहना है कि सरकार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। डीडीओ का कहना है कि संविदा कर्मचारियों की सेवा साल में एक बार ब्रेक होती है। मनरेगा कर्मचारियों की संविदा सेवा नवीनीकरण के लिए सरकार को लिखा गया है। इस मद में धन की कमी हो जाने के कारण अब जरूरत के हिसाब से ही कर्मचारी रखे जाएंगे। ऐसे में नए सिरे से नियुक्ति के समय कुछ कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है।
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