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गुंजी में तैनात आईटीबीपी जवान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:22 PM IST
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झूलाघाट महाकाली घाट पर दिवंगत पूरन चंद को अंतिम सलामी देते आईटीबीपी के जवान
- फोटो : अमर उजाला
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भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की उच्च हिमालयी क्षेत्र गुंजी स्थित अग्रिम चौकी में तैनात एक जवान की बीमारी के कारण मौत हो गई। परिजनों ने जवान के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। बुधवार को जवान का झूलाघाट में महाकाली के तट पर सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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मूनाकोट विकासखंड के कानड़ी गांव निवासी पूरन चंद (29) पुत्र दान बहादुर चंद आईटीबीपी की सातवीं वाहिनी में कार्यरत थे। पिछले कुछ समय से उनकी तैनाती गुंजी में की गई थी। परिवार के लोगों ने बताया कि 15 दिन पहले पूरन चंद को गुंजी में ड्यूटी के दौरान बुखार आया। आईटीबीपी के अधिकारियों ने कुछ दिन तक गुंजी में ही उनका इलाज किया, लेकिन इसी बीच उनका बुखार बिगड़ गया और टाइफाइड हो गया। पूरन चंद की हालत बिगड़ने पर उसे एंबुलेंस से पिथौरागढ़ के रास्ते बरेली ले जाया गया। वहां पर भी उनकी हालत में सुधार न होने पर एम्स दिल्ली रेफर किया गया। एम्स में इलाज के दौरान दो दिन पहले उनकी मौत हो गई।
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पूरन की चार वर्ष पहले ही शादी हुई थी। उसके कोई बच्चा नहीं था। उसके भाई ललित चंद ने आईटीबीपी पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। ललित का कहना है गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद परिवार के सदस्यों को कोई जानकारी नहीं दी गई। बेहतर इलाज के लिए जवान को शीघ्र किसी अच्छे अस्पताल में लाने का प्रयास नहीं किया। गुंजी में चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं है, फिर भी गंभीर रूप से बीमार को गुंजी में ही रोक दिया। बुधवार दोपहर बाद उनका महाकाली के तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। चिता को मुखाग्नि मृतक के चाचा देवी चंद ने दी।
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अंतिम संस्कार के समय आईटीबीपी के उपनिरीक्षक दिनेश सिंह, त्रिलोक सिंह, हवलदार प्रयाग सिंह, कांस्टेबल संजय, देवेंद्र, प्रमोद, दिनेश, प्रधान लक्ष्मण चंद, क्षेत्र पंचायत सदस्य पवन चंद, महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत आदि मौजूद थे।