कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना बाजार से 10 किमी दूरी पर स्थित लमड़ा में बीमार को अस्पताल तक लाने में ग्रामीणों को आठ घंटे लग गए। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण एक बीमार व्यक्ति लकवाग्रस्त हो गए हैं। जबकि ग्रामीण 10 साल से सड़क की मांग कर रहे हैं।
लमड़ा गांव सड़क विहीन है। यहां पर एक सप्ताह पहले महेश उपाध्याय (52) को अचानक हृदयगति का दौरा पड़ा। जिन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी। मगर गांव में लोग नहीं थे। ऐसे में परिचितों ने अगल-बगल के गांवों से लोगों को मदद के लिए बुलाया। जिसमें चार घंटे लग गए। इसके बाद लोग डोली में बीमार को लेकर पांच किमी की खड़ी चढ़ाई कर कठपतिया स्टेशन तक पहुंचे। यहां पर एंबुलेंस भी देर से पहुंची। इसके बाद उन्हें 26किमी दूरी जिला अस्पताल पिथौरागढ़ उपचार के लिए लाया गया। जहां पर उन्हें डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर कर दिया। मगर वहां पहुंचने में देरी के चलते उन्हें लकवा मार गया। अब वो चल फिर नहीं सकते हैं। बुधवार को उन्हें गांव लाया गया। गांव के गिरीश उपाध्याय, हेम उपाध्याय, कमल उपाध्याय, नीरज उपाध्याय, विपिन ने कहा अब सड़क के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक के अन्य गांव सड़क से जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा परिवार के लोग इन पर निर्भर थे। कमाऊ आदमी के बिस्तर पर पड़ जाने से परिवार की मुश्किलें बढ़ गई है। महेश प्रवासी थे। जो नैनीताल में काम करते थे। लॉकडाउन के चलते घर आए थे। लोगों ने प्रशासन से उन्हें आर्थिक मदद देने की मांग की है। कुछ दिन पूर्व क्षेत्र की एक महिला भुवनेश्वर देवी को भी डोली के सहारे ही अस्पताल ले जाना पड़ा था। सड़क नहीं होने से कई लोगों ने क्षेत्र से पलायन कर लिया है।