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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   India-Tibet trade period is expected to grow

भारत-तिब्बत व्यापार की अवधि बढ़ने के आसार

Wed, 12 Oct 2016 10:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Wed, 12 Oct 2016 10:16 PM IST
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India-Tibet trade period is expected to grow
पत्रकारों से बात करते केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू - फोटो : अमर उजाला

लिपुलेख दर्रे से होने वाले भारत तिब्बत व्यापार की अवधि बढ़ने के आसार हैं। बुधवार को यहां पहुुंचे केेंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि सामान्य हालात में अवधि कम की गई है तो व्यापार पिछले साल की ही तरह 31 अक्तूबर तक जारी रखा जाएगा। रिजिजू ने यह भी कहा कि चीन सीमा पूरी तरह से सुरक्षित है और लोगों को चिंता नहीं होनी चाहिए। 

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बुधवार को गुंजी से लौटते समय कुछ देर के लिए यहां आर्मी हेलीपैड में रुके केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार को और बढ़ाया जाना जरूरी है। व्यापार की अवधि कम कर 15 अक्तूबर किए जाने की जानकारी उनको धारचूला आकर ही मिली। इस बारे में वाणिज्य और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बात कर समाधान निकाला जाएगा। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर माह में ही पिथौरागढ़ से लिपुलेख दर्रे से होने वाला तिब्बत व्यापार 15 अक्टूबर तक कर दिया गया था। पिछले साल तक इसकी अवधि 31 अक्टूबर तक रहती आई है। अधिकारियों को कहना था कि मौसम को देखते हुए यह फैसला किया गया है। सूत्रों के मुताबिक उड़ी हमले के बाद सीमा सुरक्षा के लिहाज से इस व्यापार की अवधि कम की गई थी। 
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रिजिजू ने सीमांत क्षेत्र में हो रहे सड़क निर्माण कार्य पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा कि एक साल में सीमा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण में तेजी आई है। पिछले साल भी उन्होंने गुंजी का दौरा किया था। तब से लेकर अब तक गर्ब्यांग से नाभीढांग के बीच सड़क का निर्माण हो गया है। कई पुल तैयार कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीमांत के लोगों को संचार की सुविधा का लाभ देने के लिए विशेष काम किया जा रहा है। रिजिजू ने साफ कहा कि संचार क्षेत्र मेें सीमांत में निजी कंपनियों की सेवाएं शुरू करना जरूरी है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और एक ही कंपनी का एकाधिकार समाप्त होगा।
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इनर लाइन को छियालेख से जौलजीबी लाए जाने के सवाल पर राज्यमंत्री ने कहा कि इनर लाइन शिफ्ट करने से पर्यटन और व्यवसाय पर पडे़ असर का अध्ययन किया जाएगा। सीमांत के लोग लंबे समय से इनर लाइन को छियालेख से दोबारा जौलजीबी लाने की मांग कर रहे हैं। 1999 में इनर लाइन जौलजीबी से छियालेख शिफ्ट कर दी गई थी। रिजिजू ने कहा कि वह जल्द ही फिर से सीमांत क्षेत्र का दौरा करेंगे और सड़क निर्माण की स्थिति का जायजा लेंगे। 

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