India-China Border: 10500 फीट की ऊंचाई पर इस गांव में पहली बार बजी फोन की घंटी, ग्रामीणों में खुशी
Pithoragarh News: मोबाइल नेटवर्क आने से अब स्थानीय ग्रामीण और आदि कैलाश यात्रियों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों को भी संचार सुविधा का लाभ मिलेगा।
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उत्तराखंड में व्यास घाटी के चीन सीमा से सटे माइग्रेशन ग्राम पंचायत नाबी (10500फीट) में आजादी के बाद पहली बार फोन की घंटी बजी। ग्रामीणों ने निचली घाटी में रह रहे अपने परिजनों को फोन से बात कर खुशी जताई।
बता दें कि जियो ने ग्राम पंचायत नाबी में संचार सुविधा शुरू करा दी है, जिसके चलते अब स्थानीय ग्रामीण और आदि कैलाश यात्रियों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों को भी संचार सुविधा का लाभ मिलेगा।
ग्राम प्रधान नाबी सनम देवी और होम स्टे संचालक मदन सिंह नबियाल ने संचार सुविधा उपलब्ध कराने पर सरकार का आभार प्रकट किया। उन्होंने संचार सुविधा मिलने पर आपदाकाल या अन्य आपातकाल में समय से प्रशासन को सूचना दे पाएंगे।
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ग्राम पंचायत गुंजी में दो साल से मोबाइल टावर बना शोपीस
ग्राम पंचायत गुंजी में दो साल से लगा मोबाइल टावर अभी तक शुरू नहीं हुआ है।सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया की पिछले साल ग्राम पंचायत कुटी और इस वर्ष ग्राम पंचायत नाबी में संचार सुविधा शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि व्यास घाटी का महत्वपूर्ण गांव गुंजी दो साल से संचार विहीन है।
जियो कंपनी के इंजीनियर आदित्य विक्रम और विकास कुमार ने बताया कि ग्राम गुंजी के टावर में कुछ टेक्निकल दिक्कत होने से नेटवर्क शुरू होने में देरी हुई है। ग्राम गुंजी में संचार सुविधा शीघ्र ही शुरू कराने की उम्मीद है।
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