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Pithoragarh News: उपनल कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

Fri, 16 Feb 2024 10:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 16 Feb 2024 10:56 PM IST
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Indefinite strike of Upanal workers continues
पिथौरागढ़/चंपावत/टनकपुर। सुप्रीम कोर्ट दाखिल एसएलपी को वापस लेते हुए हाईकोर्ट की ओर से 2018 में दिए गए आदेश लागू को लागू करने समेत सात सूत्री मांगों को लेकर उपनल कर्मचारियों का अनिश्चिकालीन जारी है। शुक्रवार को उपनल कर्मियों ने चंपावत में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के बाहर धरना दिया।
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चंपावत में शुक्रवार को कलक्ट्रेट से उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सीएम कैंप कार्यालय तक आक्रोश रैली निकाली। कैंप कार्यालय के बाहर कर्मचारी धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी और एसडीएम सौरभ असवाल ने सीएम से कर्मियों की वार्ता कराई। सभी कर्मियों को देहरादून में सीएम से वार्ता करने का आश्वासन दिया गया। यहां उपनल कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष संदीप कलखुड़िया, मिनिस्टीरियल कर्मचारी जिलाध्यक्ष मिंटू राणा, महामंत्री जीवन चंद्र ओली, सत्येंद्र प्रकाश, गोपाल राम, दीपक पंत, भुवन चद्र, चंद्रशेखर जोशी, योगेश पंत संजय जोशी, कैलाश उपाध्याय मौजूद रहे।
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पिथौरागढ़ में आंदोलन को मोर्चा में शामिल उपनल संविदा संघ, रमसा, विद्युत संघ आदि संगठन ने भी समर्थन दिया। यहां जिला संयोजक हिम्मत सिंह, त्रिभुवन बसेड़ा, प्रदीप कुमार, कविंद्र रावत, शेखर पाटनी, मनोज मेहता, विजय चौधरी, दिनेश पंत समेत कई कर्मी शामिल रहे। टनकपुर में डिग्री कालेज परिसर में उपनल के कर्मियों का पांचवेंं दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। इस दौरान जोगिंदर कुमार, दिनेश चंद, रजत शाही, भारत प्रकाश, जितेंद्र सिंह, पवन रावत, प्रवेश प्रकाश आदि कर्मी मौजूद रहे।
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ये हैं उपनल कर्मियों की प्रमुख मांगें
- सुप्रीम कोर्ट दाखिल एसएलपी को वापस लेते हुए हाईकोर्ट द्वारा 2018 में दिया गया आदेश लागू किया जाए।
- उपनल कार्मिर्कों के वेतन में प्रतिवर्ष 20 फीसदी बढ़ोत्तरी की जाए।
- पांच वर्षीय सेवा पूर्ण कर चुके कार्मिकों के पद सृजित किए जाए।
- किसी भी कर्मचारी को सेवा से नहीं हटाया जाए।
- मृतक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए।
- माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को उच्चशिक्षा की तरह कुशल श्रेणी में बदला जाए।
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