पश्चिमी नेपाल के जिलों में जरूरी चीजों की किल्लत बढ़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मधेसी आंदोलन के चलते पश्चिमी नेपाल के जिलों में व्यापक असर होने लगा है। नेपाल सरकार और मधेसियों के बीच अभी सुलह का रास्ता नहीं निकला है। इस कारण ऐसी आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में आंदोलन और तेज होगा। साथ ही पश्चिमी नेपाल के जिलों में जरूरी चीजों की किल्लत बढ़ जाएगी। पश्चिमी नेपाल के बैतड़ी, दार्चुला, बजांग जिलों में डीजल, पेट्रोल के साथ ही दवाओं की भी किल्लत हो गई है। राशन, सब्जी एवं अन्य सामान तो लोग भारतीय बाजारों से ले जा रहे हैं, लेकिन रसोईगैस, डीजल, पेट्रोल के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।
नेपाल के दार्चुला जिले के लोग धारचूला, जौलजीबी और बलुवाकोट से सामान की खरीदारी करते हैं, जबकि बैतड़ी जिले के लोग झूलाघाट बाजार से सामान ले जाते हैं। नेपाल के लोगों का कहना है कि अपने देश में तैयार होने वाली सामग्री नहीं मिल पा रही है। मंडियों से सामान की सप्लाई कम हो गई है। करीब एक महीने से चल रहे इस संकट के कारण नेपाल में लोग खासे परेशान हैं। पश्चिमी नेपाल के जिलों में वैसे तो मधेसियों की सक्रियता नहीं है, लेकिन उनके आंदोलन का आर्थिक असर जरूर पड़ रहा है।
मधेसी आंदोलन के कारण सक्रियता बढ़ी
पिथौरागढ़। नेपाल में चल रहे मधेसी आंदोलन के कारण नेपाल सीमा पर एसएसबी और पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। एसएसबी के उपसेनानी जितेंद्र जोशी और पुलिस अधीक्षक रोशनलाल शर्मा का कहना है कि नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां आपस में तालमेल बनाकर काम कर रही है। सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई है।