पिथौरागढ़। पांच महार रेजीमेंट के जांबाज शहीद देवेंद्र चंद (शौर्य चक्र) को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। उत्तर प्रदेश से आई पांच महार रेजीमेंट की टुकड़ी के साथ डीएम ने टकाना स्थित उनके स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए। शहीद को याद कर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
बुंगा आठगांव शिलिंग निवासी देवेंद्र चंद वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवीय सहायता दल की सुरक्षा टुकड़ी के रूप में सोमालिया गए थे। 22 अगस्त 1994 को विद्रोहियों ने उनकी टुकड़ी पर हमला कर दिया। देवेंद्र ने एक घायल साथी की मशीनगन की कमान संभालकर अदम्य साहस का परिचय दिया और अपने साथियों की जान बचाई। अंत में वह लड़ते-लड़ते शहीद हो गए। अगर वह उस वक्त मोर्चा नहीं संभलते तो भारतीय सैनिक को काफी नुकसान हो सकता था।
देवेंद्र की वीरता और अदम्य साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत शौर्यचक्र से सम्मानित किया गया। इस दौरान शहीद देवेंद्र के बड़े भाई विक्रम चंद, भाभी कमला चंद, भतीजा सक्षम चंद, भतीजी प्रतिभा चंद, पांच महार रेजीमेंट (बार्डर) के कैप्टन कपिल बघेल, सूबेदार सहदीप कुमार, नायब सूबेदार पूरन सिंह, परशुराम, बंशीलाल आदि थे।