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जर्जर लाइनें बदली जातीं तो सबकी प्यास बुझ जाती
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:- जर्जर लाइनें बदली जातीं तो सबकी प्यास बुझ जाती
:- लोगों की प्यास बुझती नहीं और पानी नालियों में बह रहा
:- लोगों की प्यास बुझाने वाला पानी नालियों में बह रहा
सब हेड : पिथौरागढ़ में 50 से अधिक स्थानों पर सड़कों और पैदल रास्तों में बह रहा है पीने का पानी
अमर उजाला लाइव
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ नगर की सड़कों से लेकर पैदल रास्तों में पानी की पाइपलाइनों से लीकेज हो रहा है। जहां एक ओर कई इलाकों में लोगों को जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिल पा रहा है वहीं विभागीय उदासीनता से लगभग 50 से अधिक स्थानों में पीने का पानी नालियों में बरबाद हो रहा है। कई स्थानों पर बीच सड़कों में पानी बहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिथौरागढ़ शहर की एक लाख की आबादी के लिए लगभग 80 करोड़ से बनी आंवलाघाट पेयजल योजना के अलावा घाट और ठूलीगाड़ पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति होती है। इतनी योजनाओं के होने के बाद भी जल संस्थान लोगों को जरूरत का पानी नहीं पिला पा रहा है। इसका एक कारण जरूरत के हिसाब से पानी लिफ्ट न होना तो है ही दूसरा सबसे बड़ा कारण सड़कों पर ही पानी का बरबाद होना भी है।
पिथौरागढ़ में अधिकतर मोहल्लों के लिए शहर की बीच सड़कों या फिर गलियों से पानी की लाइनें बिछाई गई हैं। दशकों पहले बिछाई गईं यह लाइनें जर्जर हो चुकी हैं और इनसे लगातार लीकेज हो रहा है। शहर के सिल्थाम में पिछले तीन दिनों से बीच सड़क से पानी रिस रहा है। वाहनों के गुजरने से पानी लोगों पर छिटक रहा है। कुमौड़ से तिलढुकरी को जोड़ने वाले पैदल मार्ग में लगातार पानी बहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिल्थाम से रई पुल तक कई स्थानों पर पानी लिकेज बड़ी समस्या है। यही हाल जीआईसी क्षेत्र में भी है। इस क्षेत्र में नयी कालोनियों में पानी की लाइन तो बिछ गई लेकिन अभी भी लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल रहा है। लोगों को स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
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जमीन के भीतर और बाहर मुसीबत बनी हैं पाइप लाइनें
पिथौरागढ़। दशकों पूर्व बिछाई गई पाइप लाइनों को समय से नहीं बदलने के कारण जहां सड़क के नीचे दबीं पानी की लाइनों से पानी रिस रहा है, वहीं दूसरी ओर कई कॉलोनियों के लिए गई पाइप लाइनों को रास्तों के ऊपर खुला छोड़ा गया है। इन पाइपलाइनों के उछलने और वाहनों के फिसलने से लोग चोटिल हो रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि जनप्रतिनिधियों ने भी इन तमाम समस्याओं से मुंह फेरा हुआ है।
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सड़कों को भी बरबाद कर रहा पानी
पिथौरागढ़। बीच सड़कों में रिस रहा पाइप लाइनों का पानी सड़क के हॉटमिक्स को भी खराब कर रहा है। पानी के लगातार रिसने से डामर उखड़ने लगता है। यदि समय रहते बीच सड़कों में हो रहे लीकेज को बंद नहीं किया गया तो करोड़ों का हाटमिक्स भी कुछ समय में ही उखड़ जाएगा।
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पुरानी पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण लीकेज कर रही हैं। इसके लिए लोक निर्माण विभाग से बात हो चुकी है। जिन स्थानों पर लाइनों से पानी रिस रहा है, वहां पर लीकेज ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्दी पाइप लाइनों को दुरुस्त कर लिया जाएगा। - सुरेश जोशी, एक्सन जल संस्थान पिथौरागढ़।
फोटो- 20पीटीएच 21पी एवं 22पी-
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:- लोगों की प्यास बुझती नहीं और पानी नालियों में बह रहा
:- लोगों की प्यास बुझाने वाला पानी नालियों में बह रहा
सब हेड : पिथौरागढ़ में 50 से अधिक स्थानों पर सड़कों और पैदल रास्तों में बह रहा है पीने का पानी
अमर उजाला लाइव
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ नगर की सड़कों से लेकर पैदल रास्तों में पानी की पाइपलाइनों से लीकेज हो रहा है। जहां एक ओर कई इलाकों में लोगों को जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिल पा रहा है वहीं विभागीय उदासीनता से लगभग 50 से अधिक स्थानों में पीने का पानी नालियों में बरबाद हो रहा है। कई स्थानों पर बीच सड़कों में पानी बहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिथौरागढ़ शहर की एक लाख की आबादी के लिए लगभग 80 करोड़ से बनी आंवलाघाट पेयजल योजना के अलावा घाट और ठूलीगाड़ पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति होती है। इतनी योजनाओं के होने के बाद भी जल संस्थान लोगों को जरूरत का पानी नहीं पिला पा रहा है। इसका एक कारण जरूरत के हिसाब से पानी लिफ्ट न होना तो है ही दूसरा सबसे बड़ा कारण सड़कों पर ही पानी का बरबाद होना भी है।
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पिथौरागढ़ में अधिकतर मोहल्लों के लिए शहर की बीच सड़कों या फिर गलियों से पानी की लाइनें बिछाई गई हैं। दशकों पहले बिछाई गईं यह लाइनें जर्जर हो चुकी हैं और इनसे लगातार लीकेज हो रहा है। शहर के सिल्थाम में पिछले तीन दिनों से बीच सड़क से पानी रिस रहा है। वाहनों के गुजरने से पानी लोगों पर छिटक रहा है। कुमौड़ से तिलढुकरी को जोड़ने वाले पैदल मार्ग में लगातार पानी बहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिल्थाम से रई पुल तक कई स्थानों पर पानी लिकेज बड़ी समस्या है। यही हाल जीआईसी क्षेत्र में भी है। इस क्षेत्र में नयी कालोनियों में पानी की लाइन तो बिछ गई लेकिन अभी भी लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल रहा है। लोगों को स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
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जमीन के भीतर और बाहर मुसीबत बनी हैं पाइप लाइनें
पिथौरागढ़। दशकों पूर्व बिछाई गई पाइप लाइनों को समय से नहीं बदलने के कारण जहां सड़क के नीचे दबीं पानी की लाइनों से पानी रिस रहा है, वहीं दूसरी ओर कई कॉलोनियों के लिए गई पाइप लाइनों को रास्तों के ऊपर खुला छोड़ा गया है। इन पाइपलाइनों के उछलने और वाहनों के फिसलने से लोग चोटिल हो रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि जनप्रतिनिधियों ने भी इन तमाम समस्याओं से मुंह फेरा हुआ है।
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सड़कों को भी बरबाद कर रहा पानी
पिथौरागढ़। बीच सड़कों में रिस रहा पाइप लाइनों का पानी सड़क के हॉटमिक्स को भी खराब कर रहा है। पानी के लगातार रिसने से डामर उखड़ने लगता है। यदि समय रहते बीच सड़कों में हो रहे लीकेज को बंद नहीं किया गया तो करोड़ों का हाटमिक्स भी कुछ समय में ही उखड़ जाएगा।
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पुरानी पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण लीकेज कर रही हैं। इसके लिए लोक निर्माण विभाग से बात हो चुकी है। जिन स्थानों पर लाइनों से पानी रिस रहा है, वहां पर लीकेज ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्दी पाइप लाइनों को दुरुस्त कर लिया जाएगा। - सुरेश जोशी, एक्सन जल संस्थान पिथौरागढ़।
फोटो- 20पीटीएच 21पी एवं 22पी-
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