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Pithoragarh News: पहाड़ जनम मेरो कि भल लागछ...
Thu, 16 Apr 2026 02:34 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 16 Apr 2026 02:34 AM IST
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थल (पिथौरागढ़)। थल मेला महोत्सव की दूसरी शाम आंचल लोक सांस्कृतिक उत्थान समिति हल्द्वानी और थल महिला शौका समूह के नाम रही। उन्होंने शानदार लोकनृत्य पेश कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
मंगलवार की रात विशिष्ट अतिथि पूर्व दायित्वधारी खजान गुड्डू ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक गायक महिपाल मेहता ने नारंगी साड़ी लाल बिलौज, मनोहर आर्या ने पहाड़ जनम मेरो कि भल लागछ, सुंदर राम ने चल उड़ जा रे पंछी, मनोहर क्वीरीयाल ने ये आंखें देख के गीतों की प्रस्तुति दी। सुंदर बाफिला ने जब कोई राह न पाए, राकेश पनेरू ने धूरा ऐ जाए रे घास बहाना ले, कैलाश कुमार ने मालदेश की छ्योड़ी तनु ठुल थल म्याल आये, रंग बासुली झन बजाये, मेघना चंद्रा ने ओ लाली हो लाली होसिया समेत न्यौली, छपेली, झोड़ा पर कई लोकगीत पेश कर दर्शकों का मनोरंजन किया। आंचल लोक सांस्कृतिक उत्थान समिति ने नंदा जात यात्रा की वंदना झांकी, राधा-कृष्ण के फूलों की होली को खूब सराहा। शौका महिला समूह की महिलाओं ने जोहार मुनस्यार की लोक संस्कृति और वेशभूषा गादी कमोल में सजकर मनमोहक सामूहिक लोकनृत्य पेश किया। महोत्सव समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाठक ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। महोत्सव देखने सैकड़ों की संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
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मंगलवार की रात विशिष्ट अतिथि पूर्व दायित्वधारी खजान गुड्डू ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक गायक महिपाल मेहता ने नारंगी साड़ी लाल बिलौज, मनोहर आर्या ने पहाड़ जनम मेरो कि भल लागछ, सुंदर राम ने चल उड़ जा रे पंछी, मनोहर क्वीरीयाल ने ये आंखें देख के गीतों की प्रस्तुति दी। सुंदर बाफिला ने जब कोई राह न पाए, राकेश पनेरू ने धूरा ऐ जाए रे घास बहाना ले, कैलाश कुमार ने मालदेश की छ्योड़ी तनु ठुल थल म्याल आये, रंग बासुली झन बजाये, मेघना चंद्रा ने ओ लाली हो लाली होसिया समेत न्यौली, छपेली, झोड़ा पर कई लोकगीत पेश कर दर्शकों का मनोरंजन किया। आंचल लोक सांस्कृतिक उत्थान समिति ने नंदा जात यात्रा की वंदना झांकी, राधा-कृष्ण के फूलों की होली को खूब सराहा। शौका महिला समूह की महिलाओं ने जोहार मुनस्यार की लोक संस्कृति और वेशभूषा गादी कमोल में सजकर मनमोहक सामूहिक लोकनृत्य पेश किया। महोत्सव समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाठक ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। महोत्सव देखने सैकड़ों की संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
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