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वक्त के जख्म तो भर जाएंगे, बीता वक्त कहां से लाएंगे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 11:39 PM IST
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Human Traffiling Via Indo-Nepal Border
Human Traffiling Via Indo-Nepal Border
पिथौरागढ़। छोटी सी उम्र में चंद रुपयों के लिए अपनों ने ही बेच दिया। जबरन विवाह के बाद बालिग होने से पहले ही मां बनने और पति के छोड़ने के बाद दोबारा अधेड़ को बेची गई। नेपाल की बेटी ने जो सहा, उसे सुनकर हर कोई भावुक हो जाएगा।
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आज वह बेटी अपने घर लौट गई है। उसे देख परिजनों के आंसू छलक पड़े लेकिन इन सालों में उसके साथ जो कुछ हुआ, उसने इस युवती के दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। ये जख्म वक्त के साथ शायद भर जाएं लेकिन जो वक्त बीत गया उसका लौटना नामुमकिन है।
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कार्ड उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में दस महीनों से आश्रय लेकर रह रही नेपाली युवती (22) को बुधवार को परिजनों के सुपुर्द कर नेपाल भेजा गया। युवती को अपनों ने ही किशोरावस्था में कुछ रुपये लेकर नेपाल के एक व्यक्ति को सौंप दिया था। व्यक्ति ने शादी कर एक साल में ही उसे छोड़ दिया।
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बालिग होने से पहले ही उसकी गोद में एक बेटा आ गया था। पति के छोड़ देने के बाद भटक रही किशोरी की बुआ ने कुछ रुपये लेकर उसकी शादी कनालीछीना निवासी एक अधेड़ के साथ कर दी, जो पूर्व से ही शादीशुदा था।
कुछ महीने वहां रहने के बाद युवती एक दिन अपने बच्चे के साथ उसके चंगुल से भागकर पुलिस के पास चली आई। पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के निर्देश पर उसको कार्ड उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में संरक्षण दिया। इसके बाद युवती को जिला बाल कल्याण समिति अल्मोड़ा के सम्मुख प्रस्तुत किया गया।
जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रशांत जोशी के निर्देश पर दस्तावेजों का आकलन करने के बाद संस्था के निर्मला पांडेय, लक्ष्मण सिंह धामी के सहयोग से युवती को चार साल के बेटे सहित मां को सौंपा गया। युवती परिजनों के साथ नेपाल लौट गई है।

केंद्र में अभी भी हैं 11 बालिकाएं
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के जाखनी में स्थित कार्ड उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में 11 बालिकाएं निवास कर रही हैं। मानव तस्करी या घर से परेशान होकर ये बालिकाएं घर छोड़कर भाग जाती हैं। ऐसे में उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र इनके लिए सहारा बना हुआ है।
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