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आर्थिक आधार की गणना में भारी खामियां
ब्यूरो/अमर उजाला,मुनस्यारी /पिथौरागढ़
Updated Sun, 31 Jan 2016 06:05 PM IST
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2011 में आर्थिक आधार पर की गई गणना में भारी खामियां सामने आई हैं। यह मामले तब प्रकाश में आए जब प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची बनने लगी। गणना में की गई खामियों के कारण कई गरीब परिवार आवास योजना से वंचित हो गए हैं।
हरकोट गांव के लोगों की ओर से एसडीएम वैभव गुप्ता को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि हरकोट ग्रामसभा में मटेना, मालूपाती, हरकोट और रीठा गांव शामिल हैं। इन गांवों में कुल 188 परिवार रहते हैं। इनमें से 70 प्रतिशत परिवार बीपीएल की श्रेणी में आते हैं। अब जब प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र लोगों के चयन को ग्राम पंचायत की खुली बैठक बुलाई गई तो आर्थिक गणना में गरीब परिवारों को संपन्न की श्रेणी में रख दिया गया है। बताया गया है कि गणना करने वालों ने मौके पर जाने के बजाए घर बैठे अंदाज से यह काम पूरा कर लिया था। इसका खामियाजा अब गरीब परिवारों को भोगना पड़ रहा है। यह स्थिति इस विकासखंड के अन्य गांवों में भी पैदा हुई है। अब यदि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रों के चयन की प्रक्रिया अन्य गांवों में भी होगी तो उस समय यह गलतियां सामने आने लगेंगी। एसडीएम ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और पात्र लोगों को किसी भी दशा में आवास योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। गांव के लोगों का कहना है कि यदि गलती को नहीं सुधारा गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने आर्थिक गणना में दिए गए तथ्यों को स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया है।
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हरकोट गांव के लोगों की ओर से एसडीएम वैभव गुप्ता को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि हरकोट ग्रामसभा में मटेना, मालूपाती, हरकोट और रीठा गांव शामिल हैं। इन गांवों में कुल 188 परिवार रहते हैं। इनमें से 70 प्रतिशत परिवार बीपीएल की श्रेणी में आते हैं। अब जब प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र लोगों के चयन को ग्राम पंचायत की खुली बैठक बुलाई गई तो आर्थिक गणना में गरीब परिवारों को संपन्न की श्रेणी में रख दिया गया है। बताया गया है कि गणना करने वालों ने मौके पर जाने के बजाए घर बैठे अंदाज से यह काम पूरा कर लिया था। इसका खामियाजा अब गरीब परिवारों को भोगना पड़ रहा है। यह स्थिति इस विकासखंड के अन्य गांवों में भी पैदा हुई है। अब यदि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रों के चयन की प्रक्रिया अन्य गांवों में भी होगी तो उस समय यह गलतियां सामने आने लगेंगी। एसडीएम ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और पात्र लोगों को किसी भी दशा में आवास योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। गांव के लोगों का कहना है कि यदि गलती को नहीं सुधारा गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने आर्थिक गणना में दिए गए तथ्यों को स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया है।
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