हरड़िया के वैली ब्रिज को गंभीर खतरा
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थल-मुनस्यारी मार्ग पर स्थित हरड़िया के वैली ब्रिज को हरड़िया नाले से आने वाला सारा मलबा निचले हिस्से में जमा होने से गंभीर खतरा हो गया है। उसमें बड़े-बड़े पत्थर अटक गए हैं। भारी बारिश के समय यह मलबा और पत्थर ब्रिज को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लोनिवि ने पत्थरों को कंप्रेशर मशीन की मदद से तोड़ने का काम शुरू कर दिया है और जेसीबी लगाकर ब्रिज के नीचे जमा मलबे को हटाने का फैसला लिया है। मलबा भरने से सतह से ब्रिज की ऊंचाई मात्र दो मीटर रह गई है, जबकि बारिश शुरू होने से पहले यह सतह दस मीटर से भी ज्यादा ऊंची थी।
हरड़िया नाले के ऊपरी हिस्से में लगातार जमीन का कटाव हो रहा है। हरड़िया नाले से सटे नया बस्ती गांव को इसी कारण दो वर्ष पहले शिफ्ट कर दिया गया था। हरड़िया में लगातार मलबे के कारण रोड बंद होने की स्थिति से निपटने के लिए लोनिवि ने इस स्थान पर एक वर्ष पहले 30 मीटर लंबा वैली ब्रिज तैयार किया था। ब्रिज बनाने के बाद से ही कोई न कोई समस्या खड़ी होती जा रही है।
लोनिवि के ईई पीसी जोशी ने कहा कि वैली ब्रिज की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। ब्रिज के नीचे जमा मलबा और पत्थर किसी भी समय संकट खड़ा कर सकता है। सबसे पहले इसे हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुधवार से यह काम शुरू कर दिया गया है।
मुनस्यारी के लिए यातायात सामान्य
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। थल-मुनस्यारी और जौलजीबी-मुनस्यारी रोड पर बुधवार से आवागमन सामान्य हो गया है। मलबा आने के कारण इन सड़कों पर यातायात बंद हो गया था। लोनिवि के ईई पीसी जोशी ने बताया कि थल-मुनस्यारी रोड पर हरड़िया के पास जमीन दरक गई थी, वहां पर पहाड़ी को काटकर वाहनों के चलने लायक रोड बना ली है। जौलजीबी-मुनस्यारी रोड पर सीमा सड़क संगठन लगातार मलबा हटाने का काम कर रहा है। दोनों सड़कों पर यातायात सामान्य होने से लोगों को राहत मिली है।