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अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर लोगों आक्रोश
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 27 Jan 2015 11:23 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पीपीपी मोड से संचालित मुनस्यारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर रोज नई दिक्कतें सामने आ रही हैं। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने से एक महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 108 के कर्मचारियों ने वाहन में ही करा दिया। वह उसे जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे। यहां एक महीने से स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने के कारण प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
सोमवार की शाम तल्लाघोरपट्टा की दीपा देवी प्रसव के अस्पताल में भर्ती हुई। उनको अस्पताल के कर्मचारियों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डोर बैंड पहुंचते ही उनकी तकलीफ बढ़ गई। 108 के कर्मचारी संजीव पंत और राजेंद्र सिंह ने उनको वाहन में ही सुरक्षित प्रसव करा दिया और महिला को बच्चे समेत घर पहुंचाने की व्यवस्था की। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। अस्पताल के प्रबंधक उत्कर्ष गंगवार पिछले कई दिनों से यहां नहीं हैं। अस्पताल की एक्सरे मशीन डेढ़ माह से खराब पड़ी है। अस्पताल में मानक के हिसाब से 12 डाक्टर होने चाहिए लेकिन सिर्फ दो डाक्टरों से काम चलाया जा रहा है। उपजिलाधिकारी केके मिश्रा ने कहा है कि अस्पताल प्रबंधन से इस तरह की लापरवाही के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। भाजपा जिला प्रवक्ता जगत मर्तोलिया का कहना है कि पीपीपी मोड से संचालित यह अस्पताल घोर अव्यवस्था से घिर गया है। बताया गया है कि पहले अस्पताल में ओपीडी में 200 तक मरीज आते थे। अब यह संख्या सिमटकर 50 पर पहुंच गई है। अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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सोमवार की शाम तल्लाघोरपट्टा की दीपा देवी प्रसव के अस्पताल में भर्ती हुई। उनको अस्पताल के कर्मचारियों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डोर बैंड पहुंचते ही उनकी तकलीफ बढ़ गई। 108 के कर्मचारी संजीव पंत और राजेंद्र सिंह ने उनको वाहन में ही सुरक्षित प्रसव करा दिया और महिला को बच्चे समेत घर पहुंचाने की व्यवस्था की। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। अस्पताल के प्रबंधक उत्कर्ष गंगवार पिछले कई दिनों से यहां नहीं हैं। अस्पताल की एक्सरे मशीन डेढ़ माह से खराब पड़ी है। अस्पताल में मानक के हिसाब से 12 डाक्टर होने चाहिए लेकिन सिर्फ दो डाक्टरों से काम चलाया जा रहा है। उपजिलाधिकारी केके मिश्रा ने कहा है कि अस्पताल प्रबंधन से इस तरह की लापरवाही के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। भाजपा जिला प्रवक्ता जगत मर्तोलिया का कहना है कि पीपीपी मोड से संचालित यह अस्पताल घोर अव्यवस्था से घिर गया है। बताया गया है कि पहले अस्पताल में ओपीडी में 200 तक मरीज आते थे। अब यह संख्या सिमटकर 50 पर पहुंच गई है। अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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