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दारमा घाटी में बंद पड़ी सड़कों को खोलने के लिए अधिकारियों को हेली से भेजा
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हेलीकॉप्टर सांकेतिक
- फोटो : 825417420
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धारचूला (पिथौरागढ़)। बंद सड़क खोलने और पैदल रास्तों की मरम्मत के लिए प्रशासन ने लोनिवि और सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को हेलीकॉप्टर से भेजा है।
इससे सीमांत के लोगों को उम्मीद जगी है। पिछले दिनों की बारिश से दारमा घाटी में कई जगहों पर सड़क बंद और कई पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे।
एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला के आदेश के बाद लोनिवि के एई जीके पांडे, आशुतोष वर्मा और सीपीडब्लूडी के एई कपिल कुमार और जेई पीयूष अधिकारी की टीम हेलीकाप्टर से दारमा घाटी गए।
लोनिवि के अधिकारी तिदांग, मारछा और सीपू गांव में पहुंचे और लोगों के साथ क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग और पुल का निरीक्षण कर स्थानीय ठेकेदार को कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिया।
स्थानीय ठेकेदार जीवन मार्छाल ने वी-सैट से बताया कि तिदांग मारछा और सीपू को जोड़ने वाले छह किमी क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की मरम्मत का काम स्थानीय लोगों ने शुरू कर दिया है। सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दुग्तु से दर में बंद सड़क खोलने की कवायद शुरू कर दी है।
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धारचूला के एसडीएम ने बताया कि हेलीकॉप्टर से अन्य विभागों के अधिकारी भी भेजे गए हैं। गांव पहुंचकर ये अधिकारी लोगों को पानी, राशन और अन्य समस्याओं की जानकारी लेंगे और गांव में राशन पहुंचाने के साथ-साथ ऊपरी गांव से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य मेडिकल आपातसेवा के लिए लोगों को हेलीकॉप्टर से धारचूला लाएंगे।
केवल चुनावी झुनझुना साबित न हो पिथौरागढ़ से हवाई सेवा
पिथौरागढ़। राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी और पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल की दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात के बाद सीमांत में एक साल से अधिक समय से ठप हवाई सेवा के शुरू होने की उम्मीद जगी है। हालांकि अधिकतर लोगों का यह भी कहना है कि सरकार को हवाई सेवा नियमित करने के प्रयास करने चाहिए यह केवल चुनावी झुनझुना साबित नहीं होना चाहिए।
रनवे बनने के करीब 28 साल इंतजार के बाद पिथौरागढ़ के नैनीसैनी हवाई पट्टी पर वर्ष 2018 में नागरिक उड्डयन विभाग की अनुमति पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायर ब्रिगेड तैनात कर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच टर्मिनल भवन में टिकट बुकिंग काउंटर खोला गया।
आठ अक्तूबर 2018 को ट्रायल लैंडिंग हुई और डीजीसीए की अनुमति मिलने पर 17 जनवरी 2019 को पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू हुई थी।
देहरादून और पंतनगर के लिए नियमित उड़ान के बाद 11 अक्तूबर 2019 को गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट के लिए भी सीधी विमान सेवा शुरू हुई, लेकिन 20 मार्च 2020 को लैंडिंग के दौरान रनवे पर नौ सीटर विमान फिसलने के बाद से विमान सेवा ठप है।
सांसद बलूनी और पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने दो दिन पूर्व दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात की थी। इसमें नागरिक उड्डयन मंत्री ने एक सितंबर से 19 या 20 सीटर हवाई जहाज की उड़ान देहरादून से पिथौरागढ़ तक संचालित करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद एक बार फिर सीमांत की जनता में हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद जगी है। साथ ही लोगों का यह भी कहना है कि हवाई सेवा देहरादून के बजाय दिल्ली के लिए शुरू की जानी चाहिए और यह हवाई सेवा केवल चुुनावी झुनझुना साबित नहीं होनी चाहिए।
पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए हवाई सेवा ठीक है लेकिन सीमांत जिले की आम जनता को अधिक जरूरत हिंडन एयरपोर्ट के लिए हवाई सेवा की है। इससे सरहदों पर तैनात सैनिक, छात्र, नौकरीपेशा और स्थानीय मरीजों को सहूलियत मिलेगी।
- सुनील वर्मा।
हवाई पट्टी बने तीन दशक का समय बीत चुका है। 2019 में शुरू हुई हवाई सेवा के बंद होने से पूरे सीमांत के लोग निराश हैं। यहां से दिल्ली देहरादून पहुंचने में 15 घंटे से अधिक समय लगता है। नौ सीटर सेवा शुरू की गई वह भी एक साल से ठप है। हवाई सेवा केवल चुनावी झुनझुना नहीं रहनी चाहिए।
- तपन रावत।
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इससे सीमांत के लोगों को उम्मीद जगी है। पिछले दिनों की बारिश से दारमा घाटी में कई जगहों पर सड़क बंद और कई पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे।
एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला के आदेश के बाद लोनिवि के एई जीके पांडे, आशुतोष वर्मा और सीपीडब्लूडी के एई कपिल कुमार और जेई पीयूष अधिकारी की टीम हेलीकाप्टर से दारमा घाटी गए।
लोनिवि के अधिकारी तिदांग, मारछा और सीपू गांव में पहुंचे और लोगों के साथ क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग और पुल का निरीक्षण कर स्थानीय ठेकेदार को कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिया।
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स्थानीय ठेकेदार जीवन मार्छाल ने वी-सैट से बताया कि तिदांग मारछा और सीपू को जोड़ने वाले छह किमी क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की मरम्मत का काम स्थानीय लोगों ने शुरू कर दिया है। सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दुग्तु से दर में बंद सड़क खोलने की कवायद शुरू कर दी है।
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धारचूला के एसडीएम ने बताया कि हेलीकॉप्टर से अन्य विभागों के अधिकारी भी भेजे गए हैं। गांव पहुंचकर ये अधिकारी लोगों को पानी, राशन और अन्य समस्याओं की जानकारी लेंगे और गांव में राशन पहुंचाने के साथ-साथ ऊपरी गांव से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य मेडिकल आपातसेवा के लिए लोगों को हेलीकॉप्टर से धारचूला लाएंगे।
केवल चुनावी झुनझुना साबित न हो पिथौरागढ़ से हवाई सेवा
पिथौरागढ़। राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी और पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल की दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात के बाद सीमांत में एक साल से अधिक समय से ठप हवाई सेवा के शुरू होने की उम्मीद जगी है। हालांकि अधिकतर लोगों का यह भी कहना है कि सरकार को हवाई सेवा नियमित करने के प्रयास करने चाहिए यह केवल चुनावी झुनझुना साबित नहीं होना चाहिए।
रनवे बनने के करीब 28 साल इंतजार के बाद पिथौरागढ़ के नैनीसैनी हवाई पट्टी पर वर्ष 2018 में नागरिक उड्डयन विभाग की अनुमति पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायर ब्रिगेड तैनात कर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच टर्मिनल भवन में टिकट बुकिंग काउंटर खोला गया।
आठ अक्तूबर 2018 को ट्रायल लैंडिंग हुई और डीजीसीए की अनुमति मिलने पर 17 जनवरी 2019 को पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू हुई थी।
देहरादून और पंतनगर के लिए नियमित उड़ान के बाद 11 अक्तूबर 2019 को गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट के लिए भी सीधी विमान सेवा शुरू हुई, लेकिन 20 मार्च 2020 को लैंडिंग के दौरान रनवे पर नौ सीटर विमान फिसलने के बाद से विमान सेवा ठप है।
सांसद बलूनी और पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने दो दिन पूर्व दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात की थी। इसमें नागरिक उड्डयन मंत्री ने एक सितंबर से 19 या 20 सीटर हवाई जहाज की उड़ान देहरादून से पिथौरागढ़ तक संचालित करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद एक बार फिर सीमांत की जनता में हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद जगी है। साथ ही लोगों का यह भी कहना है कि हवाई सेवा देहरादून के बजाय दिल्ली के लिए शुरू की जानी चाहिए और यह हवाई सेवा केवल चुुनावी झुनझुना साबित नहीं होनी चाहिए।
पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए हवाई सेवा ठीक है लेकिन सीमांत जिले की आम जनता को अधिक जरूरत हिंडन एयरपोर्ट के लिए हवाई सेवा की है। इससे सरहदों पर तैनात सैनिक, छात्र, नौकरीपेशा और स्थानीय मरीजों को सहूलियत मिलेगी।
- सुनील वर्मा।
हवाई पट्टी बने तीन दशक का समय बीत चुका है। 2019 में शुरू हुई हवाई सेवा के बंद होने से पूरे सीमांत के लोग निराश हैं। यहां से दिल्ली देहरादून पहुंचने में 15 घंटे से अधिक समय लगता है। नौ सीटर सेवा शुरू की गई वह भी एक साल से ठप है। हवाई सेवा केवल चुनावी झुनझुना नहीं रहनी चाहिए।
- तपन रावत।