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दारमा और व्यास घाटी में जमकर बर्फबारी
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बर्फबारी के बाद दारमा घाटी का माइग्रेशन गांव दांतू।
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। व्यास घाटी के अंतिम गांव कुटी (12303 फुट) में रविवार रात एक बजे से लगातार बर्फबारी और बारिश हो रही है। दारमा और व्यास घाटी में इस साल की पहली बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के बाद आलू और मूली की फसल नुकसान पहुंचा है।
दारमा और व्यास वैली में एक जिले में फुट और आदि कैलाश, ओम पर्वत सहित उच्च हिमालयी गांवों में दो फुट बर्फ गिरी है। कुटी निवासी हरीश कुटियाल ने प्रशासन को वी-सेट से बर्फबारी की जानकारी दी। उनका कहना है कि खेतों और घरों में लगभग एक फुट बर्फ, आदि कैलाश और ओम पर्वत सहित अन्य उच्च हिमालयी गांवों के पहाड़ो में दो फुट बर्फबारी हुई है। रोंगकाग प्रधान अंजू रौंकली ने बताया कि तवाघाट-लिपुलेख सड़क के तिनतोला और लामारी में सड़क में मलबा आने से सड़क बंद हो गई है। दारमा घाटी के दांतू के प्रधान जमन दताल ने बताया कि वहां छह इंच तक बर्फबारी हुई है। पंचाचूली ग्लेशियर और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक फुट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। तीजम निवासी हरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क बंद होने से शिवोत्सव की तैयारी के लिए रं कल्याण संस्था की टीम नहीं जा सकी।
बर्फबारी से 12 टेंट क्षतिग्रस्त
धारचूला(पिथौरागढ़)। व्यास घाटी के ज्योलीकांग (14500 फुट) में रविवार रात से लगातार बर्फबारी होने के चलते 12 टेंट क्षतिग्रस्त हो गए। आदि कैलाश टूर के संचालक लक्ष्मण सिंह और नगेंद्र कुटियाल ने बताया कि आदि कैलाश में दो फुट से ज्यादा बर्फबारी होने से आदि कैलाश से तीन किलोमीटर पीछे शुमचुमा नामक जगह पर 12 टेंट क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भारी बर्फबारी के चलते उनके बावर्ची भी अपने गांव वापस आ गए हैं। संवाद
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फसल समेटकर नवंबर तक लौट आते हैं ग्रामीण
धारचूला। धारचूला के दारमा और व्यास घाटियों में प्रवास पर जाने वाले ग्रामीण आलू, मूली, पलथी, फाफर, कुट्टू सहित अन्य जड़ी बूटियों की खेती करते हैं। सभी लोग अक्तूबर तक खेती समेट लेते हैं। पल्थी और फाफर की खेती ग्रामीण समेट चुके हैं, जबकि आलू और मूली की फसल अभी खेतों में ही है। इस बार जल्दी भारी बर्फबारी होने के कारण सब्जी को नुकसान पहुंचा है। संवाद
मिलम सहित मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी
मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। हंसलिंग, पंचाचूली, राजरंभा सहित कई अन्य हिस्सों में लगातार हिमपात हो रहा है। मिलम में भी छह इंच से अधिक हिमपात की सूचना है। हिमपात के बाद निचले क्षेत्र में लोगों ने ठंड महसूस की है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी के बाद मुनस्यारी का अधिकतम तापमान नौ डिग्री और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मुनस्यारी के पास लास्पा बेली ब्रिज सहित कई अन्य स्थानों पर बर्फबारी गिरी है। संवाद
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दारमा और व्यास वैली में एक जिले में फुट और आदि कैलाश, ओम पर्वत सहित उच्च हिमालयी गांवों में दो फुट बर्फ गिरी है। कुटी निवासी हरीश कुटियाल ने प्रशासन को वी-सेट से बर्फबारी की जानकारी दी। उनका कहना है कि खेतों और घरों में लगभग एक फुट बर्फ, आदि कैलाश और ओम पर्वत सहित अन्य उच्च हिमालयी गांवों के पहाड़ो में दो फुट बर्फबारी हुई है। रोंगकाग प्रधान अंजू रौंकली ने बताया कि तवाघाट-लिपुलेख सड़क के तिनतोला और लामारी में सड़क में मलबा आने से सड़क बंद हो गई है। दारमा घाटी के दांतू के प्रधान जमन दताल ने बताया कि वहां छह इंच तक बर्फबारी हुई है। पंचाचूली ग्लेशियर और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक फुट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। तीजम निवासी हरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क बंद होने से शिवोत्सव की तैयारी के लिए रं कल्याण संस्था की टीम नहीं जा सकी।
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बर्फबारी से 12 टेंट क्षतिग्रस्त
धारचूला(पिथौरागढ़)। व्यास घाटी के ज्योलीकांग (14500 फुट) में रविवार रात से लगातार बर्फबारी होने के चलते 12 टेंट क्षतिग्रस्त हो गए। आदि कैलाश टूर के संचालक लक्ष्मण सिंह और नगेंद्र कुटियाल ने बताया कि आदि कैलाश में दो फुट से ज्यादा बर्फबारी होने से आदि कैलाश से तीन किलोमीटर पीछे शुमचुमा नामक जगह पर 12 टेंट क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भारी बर्फबारी के चलते उनके बावर्ची भी अपने गांव वापस आ गए हैं। संवाद
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फसल समेटकर नवंबर तक लौट आते हैं ग्रामीण
धारचूला। धारचूला के दारमा और व्यास घाटियों में प्रवास पर जाने वाले ग्रामीण आलू, मूली, पलथी, फाफर, कुट्टू सहित अन्य जड़ी बूटियों की खेती करते हैं। सभी लोग अक्तूबर तक खेती समेट लेते हैं। पल्थी और फाफर की खेती ग्रामीण समेट चुके हैं, जबकि आलू और मूली की फसल अभी खेतों में ही है। इस बार जल्दी भारी बर्फबारी होने के कारण सब्जी को नुकसान पहुंचा है। संवाद
मिलम सहित मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी
मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। हंसलिंग, पंचाचूली, राजरंभा सहित कई अन्य हिस्सों में लगातार हिमपात हो रहा है। मिलम में भी छह इंच से अधिक हिमपात की सूचना है। हिमपात के बाद निचले क्षेत्र में लोगों ने ठंड महसूस की है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी के बाद मुनस्यारी का अधिकतम तापमान नौ डिग्री और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मुनस्यारी के पास लास्पा बेली ब्रिज सहित कई अन्य स्थानों पर बर्फबारी गिरी है। संवाद