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सेना मैडल से सम्मानित हवलदार भगवान सिंह का निधन
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थल (पिथौरागढ़)। सेना मेडल प्राप्त पूर्व सैनिक हवलदार भगवान सिंह देउपा का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। मंगलवार को रामगंगा और बहुला नदी के संगम पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
भगवान सिंह देउपा 25 मार्च 1954 को 14 कुमाऊं बटालियन में भर्ती हुए। 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने पाकिस्तान के कई सैनिकों को बंदी बनाया था। उनके इसी अदम्य साहस को देखते हुए 1965 में उन्हें सेना मेडल से नवाजा गया। भगवान सिंह 1971 में राजपुताना राइफल्स से हवलदार रैंक से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक कार्यों में रुचि के चलते क्षेत्रवासियों ने उन्हें 1985, 1995 में दो बार मस्मोली ग्राम पंचायत का प्रधान चुना।
सोमवार को दिन में उनकी तबियत अचानक खराब हुई। मंगलवार को उनका निधन हो गया। रामगंगा और बहुला नदी के संगम पर उनका दाह संस्कार किया गया। उनके पुत्र चंदन सिंह, हयात सिंह, दुर्गा सिंह, पौत्र मनोज, पंकज और राहुल ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। उनके निधन से भकुंडा गांव में शोक छा गया।
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भगवान सिंह भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता भी थे। उनके निधन पर डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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भगवान सिंह देउपा 25 मार्च 1954 को 14 कुमाऊं बटालियन में भर्ती हुए। 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने पाकिस्तान के कई सैनिकों को बंदी बनाया था। उनके इसी अदम्य साहस को देखते हुए 1965 में उन्हें सेना मेडल से नवाजा गया। भगवान सिंह 1971 में राजपुताना राइफल्स से हवलदार रैंक से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक कार्यों में रुचि के चलते क्षेत्रवासियों ने उन्हें 1985, 1995 में दो बार मस्मोली ग्राम पंचायत का प्रधान चुना।
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सोमवार को दिन में उनकी तबियत अचानक खराब हुई। मंगलवार को उनका निधन हो गया। रामगंगा और बहुला नदी के संगम पर उनका दाह संस्कार किया गया। उनके पुत्र चंदन सिंह, हयात सिंह, दुर्गा सिंह, पौत्र मनोज, पंकज और राहुल ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। उनके निधन से भकुंडा गांव में शोक छा गया।
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भगवान सिंह भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता भी थे। उनके निधन पर डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।