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चरस तस्कर को दस वर्ष का सश्रम कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 23 Nov 2016 10:16 PM IST
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विशेष सत्र न्यायाधीश का फैसला
- फोटो : अमर उजाला
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विशेष सत्र न्यायाधीश एसके त्यागी ने बुधवार को एक चरस तस्कर को दस वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना होगा। आरोपी बुजुर्ग व्यक्ति है। उसकी उम्र 65 से 70 वर्ष के बीच बताई गई है।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 11 दिसंबर 2014 को शाम करीब पांच बजे झूलाघाट पुल पर चेकिंग के दौरान नेपाल के बजांग जिला अंतर्गत पूमागाड़ निवासी कल्याण को पुलिस ने 2.300 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया। यह व्यक्ति नेपाल से लाकर इस चरस को बेचने के लिए पिथौरागढ़ जा रहा था। पुलिस टीम को देखकर कल्याण ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। कल्याण के खिलाफ झूलाघाट थाने में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया और विवेचना के बाद उसके खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
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न्यायालय ने गवाह के तौर पर झूलाघाट के तत्कालीन थाना प्रभारी नारायण सिंह, चरस की जांच करने वाले एसएसबी के अधिकारी ओमप्रकाश और विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक विमल कुमार को पेश किया। सभी साक्ष्यों और सुबूतों के आधार पर बुधवार को विशेष सत्र न्यायाधीश ने सजा सुनाई।
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