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Pithoragarh News: चरस तस्करी के दोषी को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
Mon, 02 Sep 2024 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 02 Sep 2024 11:20 PM IST
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पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) शंकर राज ने चरस तस्करी के मामले की सुनवाई करते हुए दाेषी को 15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है जबकि दूसरे आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 25 नवंबर 2020 को नाचनी थाना पुलिस को चेकिंग के दौरान गणाई गंगोली निवासी विजयपाल उर्फ विक्की और संतोष मेहता के पास से 04 किलो 980 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पूछताछ में बताया कि वह यह चरस होकरा निवासी गंगा सिंह से खरीदकर ला रहे हैं।
पुलिस ने इस मामले में विजय पाल और संतोष के खिलाफ विभिन्न धाराओं मेें नाचनी थाने में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद यह मामला न्यायालय में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में दोष सिद्ध होने पर विजय पाल उर्फ विक्की को धारा-8 सपठित धारा 20 स्वापक औषधि और मनप्रभावी पदार्थ अधिनियम के अपराध के लिए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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जुर्माना न देने पर पांच वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषसिद्ध की इस मामले में पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
इस मामले में गंगा सिंह को धारा 27 ए एवं धारा 29 के आरोप से दोषमुक्त किया गया। इस मामले के एक अन्य आरोपी संतोष मेहता को न्यायालय ने फरार घोषित किया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 25 नवंबर 2020 को नाचनी थाना पुलिस को चेकिंग के दौरान गणाई गंगोली निवासी विजयपाल उर्फ विक्की और संतोष मेहता के पास से 04 किलो 980 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पूछताछ में बताया कि वह यह चरस होकरा निवासी गंगा सिंह से खरीदकर ला रहे हैं।
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पुलिस ने इस मामले में विजय पाल और संतोष के खिलाफ विभिन्न धाराओं मेें नाचनी थाने में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद यह मामला न्यायालय में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में दोष सिद्ध होने पर विजय पाल उर्फ विक्की को धारा-8 सपठित धारा 20 स्वापक औषधि और मनप्रभावी पदार्थ अधिनियम के अपराध के लिए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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जुर्माना न देने पर पांच वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषसिद्ध की इस मामले में पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
इस मामले में गंगा सिंह को धारा 27 ए एवं धारा 29 के आरोप से दोषमुक्त किया गया। इस मामले के एक अन्य आरोपी संतोष मेहता को न्यायालय ने फरार घोषित किया है।