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Pithoragarh News: विकास की अंधी दौड़ में भूल गए समरसता

Fri, 11 Aug 2023 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 11 Aug 2023 11:09 PM IST
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Harmony forgotten in the blind race of development
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। देश को आजाद हुए 15 अगस्त 2023 को 76 साल पूरे हो जाएंगे। 1947 से 2023 के बीच के भारत ने कितने बदलाव देखे हैं। इन सवालों को लेकर 75 साल पूरे कर चुके बुजुर्गों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि तब और आज में बड़ा अंतर आ गया है। विकास के पथ पर हम समरसता और भाईचारा भूलते जा रहे हैं।
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बुजुर्ग कहते हैं कि भारत देश ने तमाम आक्रमणकारियों और आक्रांताओं का सामना किया है। आजादी के बाद देश ने बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया है। विज्ञान हो या फिर कृषि हर क्षेत्र में आज भारत अग्रणी है। देश आजादी के बाद से 1990 तक भारत में एक दूसरे धर्मों के प्रति सम्मान था। हिंदू मुस्लिम सब भारत की तरक्की के बारे में ही बात करते थे। आज भारत चांद पर उतरने की तैयारी कर रहा है, लेकिन भाईचारा लगातार कम होता जा रहा है। आए दिन धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने का काम किया जा रहा है। जो विकास की ओर अग्रसर भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
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बोले बुजुर्ग-
देश को आजाद होते हुए काफी नजदीक से देखा है। देश विकास की गति को पकड़े हुए है। भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। लोगों के बीच में मनमुटाव भी तेजी से बढ़ रहा है। भारत को आगे बढ़ाने में हर नागरिक को संकीर्णता छोड़कर नया नजरिया रखना होगा।
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प्रेम सिंह सनकनिया उम्र 85।
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1947 से 2023 तक 76 सालों का सफर भारत के लिहाज से काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। आजादी के समय भारत के लोगों ने काफी गरीबी में अपना समय निकाला। उस समय सरकार में बैठे लोग चाहे वह नेता हों या अधिकारी देश को आगे ले जाने का काम पूरी ईमानदारी से करते थे। आज भारत चांद पर भले ही पहुंच गया हो परंतु अपनी समरसता को धीरे- धीरे खो रहा है।

दीवानी लाल शाह उम्र 79।
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जब देश आजाद हुआ था तो हमें खाने के लिए विश्व के अन्य देशों के भरोसे रहना पड़ता था। धीरे- धीरे भारत में कृषि प्रधानता को तत्कालीन सरकारों ने बढ़ावा देने का काम किया। भारत में 1990 तक किसी जाति धर्म में तनाव नहीं था। लोग एक दूसरे समुदाय की पूरी मदद करते थे, लेकिन आज के भारत में यह देखने को नहीं मिल रहा है।
पूरन लाल शाह(80) ।
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