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कठिन परिश्रम सफलता का मूलमंत्र : संदीप सिंह
Sat, 11 May 2024 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 11 May 2024 11:22 PM IST
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धारचूला में संदीप सिंह को स्मृति चिन्ह देते रं कल्याण संस्था के पदाधिकारी। संवाद
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धारचूला (पिथौरागढ़)। यूपीएससी 2023 की परीक्षा में 960 रैंक लाने वाले चौंदास घाटी के ग्राम पंचायत सोसा निवासी संदीप सिंह का गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया।
संदीप सिंह के पिता अरविंद सिंह ने बताया कि यूपीएससी परीक्षा में सफल होने के बाद गांव पहुंचकर अपने इष्टदेव का पूजा-अर्चना की। संदीप छह साल बाद घर पहुंचे हैं। संदीप सिंह का रं म्यूजियम पहुंचने पर रं कल्याण संस्था के पदाधिकारी, स्थानीय ग्रामीण, रं कम्यूनिटी स्कूल के बच्चों ने पुष्प के गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। रं म्यूजियम के सभागार में संस्था के राम सिंह ह्यांकी ने संदीप सिंह को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही उनके पिता का भी सम्मान किया गया।
इस दौरान प्रद्युम्न गर्ब्याल, दौलत फकलियाल,राजेंद्र रोंकली, प्रकाश गुंज्याल, वीरेंद्र नबियाल, राजेंद्र नबियाल, भागीरथी ह्यांकी, निहारिका गर्ब्याल, प्रेमा कुटियाल ने संदीप सिंह को युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। संस्था के पदाधिकारियों ने संदीप सिंह को स्मृति चिह्न और खदक (गमछा) भेंट किया। संदीप ने युवाओं को कठिन परिश्रम, धैर्य को सफलता का मूलमंत्र बताया। संस्था ने संदीप को प्रोत्साहन के रूप में छह हजार की धनराशि राशि भेंट की। संचालन महासचिव दिनेश चलाल ने किया। वहां उनकी संदीप सिंह की माता सुनीता देवी, भागीरथी देवी, अनुप्रभा कुंवर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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संदीप सिंह के पिता अरविंद सिंह ने बताया कि यूपीएससी परीक्षा में सफल होने के बाद गांव पहुंचकर अपने इष्टदेव का पूजा-अर्चना की। संदीप छह साल बाद घर पहुंचे हैं। संदीप सिंह का रं म्यूजियम पहुंचने पर रं कल्याण संस्था के पदाधिकारी, स्थानीय ग्रामीण, रं कम्यूनिटी स्कूल के बच्चों ने पुष्प के गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। रं म्यूजियम के सभागार में संस्था के राम सिंह ह्यांकी ने संदीप सिंह को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही उनके पिता का भी सम्मान किया गया।
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इस दौरान प्रद्युम्न गर्ब्याल, दौलत फकलियाल,राजेंद्र रोंकली, प्रकाश गुंज्याल, वीरेंद्र नबियाल, राजेंद्र नबियाल, भागीरथी ह्यांकी, निहारिका गर्ब्याल, प्रेमा कुटियाल ने संदीप सिंह को युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। संस्था के पदाधिकारियों ने संदीप सिंह को स्मृति चिह्न और खदक (गमछा) भेंट किया। संदीप ने युवाओं को कठिन परिश्रम, धैर्य को सफलता का मूलमंत्र बताया। संस्था ने संदीप को प्रोत्साहन के रूप में छह हजार की धनराशि राशि भेंट की। संचालन महासचिव दिनेश चलाल ने किया। वहां उनकी संदीप सिंह की माता सुनीता देवी, भागीरथी देवी, अनुप्रभा कुंवर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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