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Pithoragarh News: गुड़ौली-मलान अश्व मार्ग ध्वस्त होने से आवाजाही हुई मुश्किल
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ध्वस्त पड़ा गुड़ौली-मलान अश्व मार्ग। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। छह गांवों को जोड़ने वाला कनालीछीना क्षेत्र का गुड़ौली-मलान अश्व मार्ग एक स्थान पर खाई में तब्दील हो गया है। इस स्थान पर लोगों को आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र मार्ग का सुधार करने की मांग की है।
गुड़ौली से मलान के लिए जाने वाले अश्व मार्ग से मलान, मितड़ा, खुचेटा, बथड़ा, दिगरा के लोग आवाजाही करते हैं। गुड़ौली गांव के कुरानी और पथरानी तोकों के लिए भी आवागमन का यही एकमात्र मार्ग है। वन्य क्षेत्र होने के कारण ग्रामीण महिलाओं के लिए पशुओं के लिए चारा लाने में भी परेशानी हो रही है। इसी मार्ग से गुड़ौली गांव के लोग भगवती, सैम, छुरमल मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भी जाते हैं।
यह मार्ग बैनाथ गधेरे में खाई में बदल गया है। यहां गहरी खाई बनने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के खाई में गिरकर चोटिल होने का भी खतरा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में यह गधेरा उफान पर आता है। ऐसे में आवाजाही नहीं हो पाती है। यदि समय रहते मार्ग का सुधार नहीं किया गया तो कभी भी हादसा हो सकता है। जगदीश चंद्र, दयाकृष्ण पांडेय, केदार दत्त, मदन मोहन, महेश चंद्र, हरीश पांडेय आदि लोगों ने ध्वस्त मार्ग को शीघ्र सुधारने की मांग की है।
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गुड़ौली से मलान के लिए जाने वाले अश्व मार्ग से मलान, मितड़ा, खुचेटा, बथड़ा, दिगरा के लोग आवाजाही करते हैं। गुड़ौली गांव के कुरानी और पथरानी तोकों के लिए भी आवागमन का यही एकमात्र मार्ग है। वन्य क्षेत्र होने के कारण ग्रामीण महिलाओं के लिए पशुओं के लिए चारा लाने में भी परेशानी हो रही है। इसी मार्ग से गुड़ौली गांव के लोग भगवती, सैम, छुरमल मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भी जाते हैं।
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यह मार्ग बैनाथ गधेरे में खाई में बदल गया है। यहां गहरी खाई बनने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के खाई में गिरकर चोटिल होने का भी खतरा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में यह गधेरा उफान पर आता है। ऐसे में आवाजाही नहीं हो पाती है। यदि समय रहते मार्ग का सुधार नहीं किया गया तो कभी भी हादसा हो सकता है। जगदीश चंद्र, दयाकृष्ण पांडेय, केदार दत्त, मदन मोहन, महेश चंद्र, हरीश पांडेय आदि लोगों ने ध्वस्त मार्ग को शीघ्र सुधारने की मांग की है।
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