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ग्राम पंचायत की खुली बैठक का किया बहिष्कार
ब्यूरो, अमर उजाला मुनस्यारी (पिथौरागढ़)।
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:32 PM IST
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खुली बैठक के बहिष्कार के बाद प्रदर्शन करते खसियाबाड़ा के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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विकासखंड मुनस्यारी के दूरस्थ ग्राम पंचायत खसियाबाड़ा की खुली बैठक का ग्रामीणों ने बहिष्कार किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और कहा कि गांव की समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी लेकिन तहसील स्तर का तक एक अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचा।
पूर्व निर्धारित तिथि के मुताबिक ग्राम पंचायत खसियाबाड़ा में सोमवार को सुबह 10 बजे से खुली बैठक बुलाई गई थी। ग्राम प्रधान बसंती देवी ने सभी लोगों को इसकी अग्रिम सूचना दे दी थी। यह भी कहा गया था कि तहसील और जिला स्तर के अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे। कई समस्याओं को उठाया जाएगा। गांव के लोग 12 बजे तक इंतजार करते रहे लेकिन सिर्फ ग्राम पंचायत अधिकारी के अलावा कोई भी बैठक में नहीं पहुंचा। इससे गांव के लोग भड़क गए। उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
वार्ड सदस्य संजय धामी ने कहा कि गांव में कई दिनों से पानी की किल्लत बनी है, इसके समाधान के प्रयास नहीं किए गए हैं। विद्युत व्यवस्था बदहाल है, लोनिवि के द्वारा बनाई जा रही सड़क खस्ताहाल है। कई समस्याएं हैं परंतु कोई भी विभागीय अधिकारी खुली बैठक में नहीं आता है। जिस कारण समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है। गांव के लोगों ने यह भी कहा कि सरकारी विभागों के अधिकारी अपने मन से प्रस्ताव तैयार करते हैं और उनमें गांववालों के हस्ताक्षर करा लेते हैं। यह भी कहा गया कि बैठक की अगली तिथि जल्दी तय की जाएगी यदि उसमें सरकारी विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे तो विभागों के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। प्रदर्शन में लवराज लोहनी, नारायणी देवी, देवेंद्र खत्री, भीमी देवी, पुष्पा देवी, गिरधर पांगती, धन सिंह भाकुनी, महेंद्र सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
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पूर्व निर्धारित तिथि के मुताबिक ग्राम पंचायत खसियाबाड़ा में सोमवार को सुबह 10 बजे से खुली बैठक बुलाई गई थी। ग्राम प्रधान बसंती देवी ने सभी लोगों को इसकी अग्रिम सूचना दे दी थी। यह भी कहा गया था कि तहसील और जिला स्तर के अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे। कई समस्याओं को उठाया जाएगा। गांव के लोग 12 बजे तक इंतजार करते रहे लेकिन सिर्फ ग्राम पंचायत अधिकारी के अलावा कोई भी बैठक में नहीं पहुंचा। इससे गांव के लोग भड़क गए। उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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वार्ड सदस्य संजय धामी ने कहा कि गांव में कई दिनों से पानी की किल्लत बनी है, इसके समाधान के प्रयास नहीं किए गए हैं। विद्युत व्यवस्था बदहाल है, लोनिवि के द्वारा बनाई जा रही सड़क खस्ताहाल है। कई समस्याएं हैं परंतु कोई भी विभागीय अधिकारी खुली बैठक में नहीं आता है। जिस कारण समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है। गांव के लोगों ने यह भी कहा कि सरकारी विभागों के अधिकारी अपने मन से प्रस्ताव तैयार करते हैं और उनमें गांववालों के हस्ताक्षर करा लेते हैं। यह भी कहा गया कि बैठक की अगली तिथि जल्दी तय की जाएगी यदि उसमें सरकारी विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे तो विभागों के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। प्रदर्शन में लवराज लोहनी, नारायणी देवी, देवेंद्र खत्री, भीमी देवी, पुष्पा देवी, गिरधर पांगती, धन सिंह भाकुनी, महेंद्र सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
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