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अतिथि शिक्षकों के सहारे चल रहा जीआईसी कोठेरा
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। जीआईसी कोठेरा लंबे समय से अतिथि शिक्षकों के सहारे चल रहा है। यहां नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कभी कोई प्रयास नहीं किए गए। अभिभावकों ने नियमित शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
मुख्यालय से छह किमी दूर सड़क किनारे स्थित जीआईसी कोठेरा में कुल 193 छात्र-छात्राएं हैं जिसमें से 47 इंटर में, 65 हाईस्कूल और 81 जूनियर हाईस्कूल में है। इंटरमीडिएट में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, रसायन विज्ञान, समाजशास्त्र विषय में सभी अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। गणित और कला विषयों के अध्यापक नहीं हैं।
कोठेरा जूनियर हाईस्कूल को 2006 में उच्चीकरण कर हाईस्कूल बनाया गया और 2016 में इंटर कॉलेज लेकिन शिक्षकों के अभाव में कॉलेज में चार साल तक इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित नहीं हुई। 2020-21 में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू हो पाई।
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उच्चीकरण के बाद से अब तक विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। विद्यालय में कोठेरा, सिमलकोट, रणकोट, भंडारीगांव सहित आसपास के 10 गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। भगवती कोठारी, हेमा कोठारी, मोहन राम, दीपा देवी, गोविंद प्रकाश सिंह आदि अभिभावकों ने नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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मुख्यालय से छह किमी दूर सड़क किनारे स्थित जीआईसी कोठेरा में कुल 193 छात्र-छात्राएं हैं जिसमें से 47 इंटर में, 65 हाईस्कूल और 81 जूनियर हाईस्कूल में है। इंटरमीडिएट में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, रसायन विज्ञान, समाजशास्त्र विषय में सभी अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। गणित और कला विषयों के अध्यापक नहीं हैं।
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कोठेरा जूनियर हाईस्कूल को 2006 में उच्चीकरण कर हाईस्कूल बनाया गया और 2016 में इंटर कॉलेज लेकिन शिक्षकों के अभाव में कॉलेज में चार साल तक इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित नहीं हुई। 2020-21 में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू हो पाई।
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उच्चीकरण के बाद से अब तक विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। विद्यालय में कोठेरा, सिमलकोट, रणकोट, भंडारीगांव सहित आसपास के 10 गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। भगवती कोठारी, हेमा कोठारी, मोहन राम, दीपा देवी, गोविंद प्रकाश सिंह आदि अभिभावकों ने नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।