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रामगंगा की सफाई के लिए बड़े बजट की जरूरत
ब्यूरो/अमर उजाला, थल (पिथौरागढ़)।
Updated Fri, 21 Apr 2017 11:14 PM IST
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रामगंगा में जा रहा कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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थल (पिथौरागढ़)। थल में रामगंगा के तट पर फैली गंदगी और छोटे नालों से नदी में पहुंच रही गंदगी को रोकने के लिए अब बड़े बजट की जरूरत महसूस की जा रही है। रामगंगा को गंदगी से बचाने के लिए अब तक सरकारी तौर पर कोई प्रयास नहीं हुआ और किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान भी नहीं दिया। थल धार्मिक स्थल है और यहां पर भगवान शंकर का प्रसिद्ध मंदिर भी है। ऐसे में यहां पर नगर पंचायत की जरूरत पड़ने लगी है।
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अमर उजाला ने रामगंगा में लगातार पट रही गंदगी को लेकर पिछले दिनों अभियान चलाया था। आश्चर्य की बात है कि किसी ने भी नदी में सफाई की पहल नहीं की है। नदी के किनारे बाजार है। यह कैलाश मानसरोवर यात्रा के मार्ग पर पड़ता है। ऐसे स्थान पर स्वच्छता अभियान चलाने की कोई पहल नहीं हो पाई है।
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व्यापारियों का कहना है कि नदी के तट की वह पूरी सफाई तो कर देंगे, जबकि सरकार इसके लिए बड़ा बजट प्रदान करे। प्रशासन को अपनी देखरेख में सफाई अभियान चलाना चाहिए। यदि सरकार नगर पंचायत के गठन करती है तो कम से कम कस्बे की सफाई में सुधार हो जाता और नदी में फेंके जा रहे कूड़े में रोक लग जाती।
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व्यापार संघ अध्यक्ष बलवंत सत्याल का कहना है कि रामगंगा के तट पर सफाई अभियान चलाना कम संसाधनों में संभव नहीं है। कई बार व्यापारियों ने सफाई अभियान चलाया, लेकिन व्यापक स्तर पर सफाई करने के लिए कोई साधन नहीं हैं। वह कहते हैं कि सरकारी स्तर पर नदी की सफाई के लिए अब तक कोई अभियान नहीं चला। यह गंभीर चिंता का विषय है।
व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष गंगा सिंह मेहता का कहना है कि छोटी नदियों की सफाई सबसे पहले होनी चाहिए। खासकर उन नदियों पर ज्यादा ध्यान दिया जाए, जहां पर प्रसिद्ध मंदिर हैं। थल में रामगंगा में छोटे नालों की गंदगी पटती जा रही है। छोटे नालों में गंदगी गांव और कस्बे के लोग ही डालते हैं। आम लोग यदि जागरूक हो जाएं तो कुछ हद तक नियंत्रण हो सकता है।