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Pithoragarh News: गुफाओं की घाटी के रूप में विकसित होगा गंगावली क्षेत्र
Wed, 21 Jan 2026 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 21 Jan 2026 10:49 PM IST
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गंगोलीहाट क्षेत्र की एक गुफा का दृश्य। संवाद
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़) । पर्यटन विभाग गंगावली क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है। विभाग की ओर से क्षेत्र की 15 गुफाओं को चिह्नित कर गुफा सर्किट बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। यदि यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो भविष्य में क्षेत्र में धार्मिक और साहसिक पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे।
जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने बताया कि गंगावली में गुफा सर्किट बनाने के लिए प्रस्ताव पर्यटन सचिव को भेजा गया है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए पैराग्लाइडिंग की उड़ान और उतरने की जगह तय कर ली है। गुफा सर्किट और साहसिक पर्यटन शुरू होने से स्थानीय कृषि उत्पाद, होम स्टे, डेरी उत्पाद, वर्ड वाचिंग, ट्रैकिंग को बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सुलभ होंगे। साथ ही पलायन पर भी अंकुश लगेगा। बता दें कि यहां स्थित गुफाओं के अंदर अनेक देवी-देवताओं की आकृतियां हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
इन गुफाओं का बनेगा सर्किट
कोटेश्वर, पाताल भुवनेश्वर, भृंगतुंग पर्वत, महाकालेश्वर, मुक्तेश्वर, शीतला माता, महामंडलेश्वर, शैलेश्वर, गुप्त गंगा, लटेश्वर, दानेश्वर, मेलचूर, अमर, भूलेश्वर और महेश्वर गुफा का सर्किट बनाया जाएगा।
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जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने बताया कि गंगावली में गुफा सर्किट बनाने के लिए प्रस्ताव पर्यटन सचिव को भेजा गया है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए पैराग्लाइडिंग की उड़ान और उतरने की जगह तय कर ली है। गुफा सर्किट और साहसिक पर्यटन शुरू होने से स्थानीय कृषि उत्पाद, होम स्टे, डेरी उत्पाद, वर्ड वाचिंग, ट्रैकिंग को बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सुलभ होंगे। साथ ही पलायन पर भी अंकुश लगेगा। बता दें कि यहां स्थित गुफाओं के अंदर अनेक देवी-देवताओं की आकृतियां हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
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इन गुफाओं का बनेगा सर्किट
कोटेश्वर, पाताल भुवनेश्वर, भृंगतुंग पर्वत, महाकालेश्वर, मुक्तेश्वर, शीतला माता, महामंडलेश्वर, शैलेश्वर, गुप्त गंगा, लटेश्वर, दानेश्वर, मेलचूर, अमर, भूलेश्वर और महेश्वर गुफा का सर्किट बनाया जाएगा।
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