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सीमांत के गांवों का खाली होना चिंतनीय
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/झूलाघाट
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़ में हिजामं की सीमांत जनसंदेश यात्रा में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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हिंदू जागरण मंच की सीमांत जनसंदेश यात्रा में शामिल लोगों का कहना है कि सीमांत के गांवों का खाली होना देश की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कहा गया कि सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सैनिकों की ही नहीं होती, वहां पर रहने वाले लोग भी सीमा के प्रहरी का काम करते हैं।
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यहां गांधी चौक पर हुई सभा में यात्रा के संयोजक और हिजामं के प्रदेश सह संगठन मंत्री भगवान सिंह कार्की ने कहा कि यदि सीमांत क्षेत्रों में लोगों को सही सुविधाएं दी जाती तो लोग वहां से पलायन नहीं करते। असुविधा के कारण ही लोगों ने इलाके को छोड़ना शुरू किया है। हिजामं के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकिशोर बोहरा ने कहा कि पहाड़ पर धर्मांतरण जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए हर व्यक्ति को सजग रहने की जरूरत है। हिजामं जिलाध्यक्ष सोनम पांडे ने कहा कि उनका संगठन शहीद सैनिकों के परिजनों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेगा। डा. तारा दत्त भट्ट की अध्यक्षता एवं शंकर जोशी के संचालन में हुई सभा में भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया, सुरजीत सोडी, सुरेश बजरंगी, आलोक धामी, धीरज पाटनी आदि मौजूद थे।
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उधर, झूलाघाट में भी सीमांत जनसंदेश यात्रा का स्वागत हुआ। सभा की अध्यक्षता व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने की। इस दौरान धीरज परिहार, बृजेश गड़कोटी, दीपक इजरवाल, पंकज साह, जितेंद्र चनोलिया, रामचंद्र भट्ट, पारस चंद आदि थे।
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