फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Forest Fire in Pithauragarh

पिथौरागढ़ जिले में कई जगह धधक रहे जंगल करोड़ों की वन संपदा का हो रहा है नुकसान

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 11:36 PM IST
विज्ञापन
Forest Fire in Pithauragarh
नाचनी के बाथी गूंठ के पंचायती वन क्षेत्र आग बुझाते ग्रामीण। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/बेड़ीनाग/नाचनी। सीमांत जिले में कई जगह जंगल धधक रहे हैं। जंगलों में आग से करोड़ों की वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है। वन्यजीवों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। जंगलों में आग से बचने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास इन दिनों कई जंगली जानवर दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन

बेड़ीनाग क्षेत्र के शाह गराऊं, पोस्ताला, हजेती, जाख, बरसायत, उडियारी क्षेत्र के जंगलों में बीते दो दिन से जंगल जल रहे हैं। हर ओर धुआं फैला है। हालांकि वन विभाग के कर्मचारी देर रात तक आग बुझाने में जुटे रहे। बेड़ीनाग क्षेत्र में 15 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुका है। तेज हवा से भीषण होती आग के सामने वन विभाग के कर्मचारी भी लाचार नजर आ रहे हैं। हालांकि बेड़ीनाग के आसपास के क्षेत्र में आग पर काफी हद तक काबू पाने में वन विभाग सफल रहा है, लेकिन हजेती, बरसायत, चौड़मन्या, कोटेश्वर, पोस्टला आदि जगह के दुर्गम जंगलों में अब भी आग धधक रही है।
विज्ञापन

नाचनी क्षेत्र में जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बुधवार को वन दरोगा रमेश लोधियाल के नेतृत्व में बाथीं-गुट, कोट्यूड़ा, हुपली के पंचायती वनों में ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग से तीनों पंचायती वनों में आठ हेक्टेयर जंगल जल गया। आग बुझाने में सरपंच गणेश सिंह, दुर्गा सिंह, भगत सिंह, पुष्कर सिंह, दीवान सिंह, राधा देवी, दीपा देवी, खीमा देवी ने सहयोग किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जंगल की आग से थल क्षेत्र में नहीं हुए सूर्य के दर्शन
थल (पिथौरागढ़)। पिछले पांच दिनों से थल क्षेत्र के वन पंचायत और वन विभाग के चीड़ के जंगलों में लगी आग से चारों ओर धुआं भर गया है। बुधवार सुबह से यह धुआं गहरे कोहरे की तरह छा गया। धुएं के कारण लोगों को सूरज के दर्शन नहीं हो पाए। धुएं से हवा भी प्रदूषित हो चुकी है। जहरीले धुएं से लोगों की आंखों में जलन और गले में खराश हो रही है। इससे प्रचंड गर्मी होने लगी हैं। धूप के धुएं की आगोश में छिप जाने के बाद थल का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed