फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Forest Department will start 'Guldar Ku Dagadiya' campaign

वन विभाग शुरू करेगा ‘गुलदार कु दगड़िया’ अभियान

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2022 11:59 PM IST
विज्ञापन
Forest Department will start 'Guldar Ku Dagadiya' campaign
Forest Department will start 'Guldar Ku Dagadiya' campaign
पिथौरागढ़ (दीपक कापड़ी)। उत्तराखंड सहित अन्य हिमालयी राज्यों में मानव और वन्यजीवों के बीच लगातार संघर्ष बढ़ता जा रहा है। इसका मुख्य कारण संरक्षित क्षेत्र का अभाव, जानवरों के बीच घनिष्ठता बढ़ना और आधुनिक युग में लगातार बढ़ रहा शहरीकरण है। अब वन विभाग, वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसके तहत कई जागरूकता कार्यक्रम, सेमीनार आदि का आयोजन किया जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रमों से चमोली, उत्तरकाशी सहित कई अन्य जिलों में इसके सुखद परिणाम सामने आए हैं। पिथौरागढ़ में वन विभाग मानव और वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए गुलदार कु दगड़िया अभियान शुरू करेगा। इसमें लोगों को तेंदुए के बीच कैसे रहना है, मानव वन्यजीव संघर्ष कैसे कम हो आदि को लेकर कई कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
विज्ञापन

भौगोलिक संरचनाओं की विविधता कारण सीमांत जिला जैव विविधता से भरपूर है। इस कारण यहां मानव और वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। पिछले तीन वर्षों में तेंदुए, भालू, जंगली सुअर सहित कई वन्य जीवों ने 21 लोगों को मौत के घाट उतारा है। इसी को देखते हुए पिथौरागढ़ वन विभाग गुलदार कु दगड़िया अभियान शुरू करने जा रहा है। इसमें जागरूकता कार्यक्रम चलाकर तेंदुए के बारे में भ्रांतियों का निवारण, तेंदुए के साथ जीना सीखना आदि की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के तहत स्कूलों, शैक्षिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, सेनिमार आदि का आयोजन किया जाएगा। इसमें वन विशेषज्ञ लोगों को जंगली जानवरों की संबंध और क्यों मानव वन्य जीव संघर्ष बढ़ रहा है इसकी जानकारी देंगे।
विज्ञापन

मानव वन्य जीव संघर्ष बढ़ने के कारण
पिथौरागढ़। मानव वन्यजीव संघर्ष बढ़ने का मुख्य कारण पशुओं और वन्यजीवों के साथ घनिष्ठ जुड़ाव और जंगली जानवरों के अनियंत्रित उपभोग है। आधुनिक समय में तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगीकरण ने वन भूमि को गैर-वन उद्देश्यों वाली भूमि बदलने के कारण वन्य जीवों के आवास क्षेत्र में कमी आ रही है। संरक्षित क्षेत्रों की परिधि के पास कई मानव बस्तियां स्थित हैं और स्थानीय लोगों ने वन भूमि पर अतिक्रमण और भोजन, चारा आदि के संग्रह के लिए वनों के सीमित प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। इस कारण वन्य जीव मानव आबादी की ओर बढ़ रहे हैं। वन्यजीवों के मानव बस्तियों के करीब आने के कारण मानव और वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में वन्यजीवों के हमले में गई जानें
वर्ष मौत
2019 08
2020 06
2021 07
लगातार बढ़ रहे मानव और वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए जल्द गुलदार को दगड़िया अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत जिले भर के स्कूलों, शैक्षिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। कार्यक्रम में लोगों और बच्चों को जंगली जानवरों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही तेंदुए के बीच कैसे जीना है तमाम चीजें सिखाई जाएंगी। - कोको रोसे, डीएफओ पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed