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पकड़ी गई खालों की फारेंसिक जांच होगी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/बेड़ीनाग
Updated Sat, 20 May 2017 10:57 PM IST
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बेड़ीनाग में तेंदुए की खालों के साथ पकड़ा गया आरोपी
- फोटो : amar ujala
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बेड़ीनाग में शुक्रवार रात पकड़ी गई तेंदुए की दोनों खालों की फारेंसिक जांच कराने का फैसला लिया गया है, ताकि यह पता चल सके कि तस्करों ने तेंदुओं को मारने के लिए किस प्रकार के साधनों का प्रयोग किया था। साथ ही आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है और यह जानकारी हासिल की जाएगी कि इस व्यक्ति के तार अन्य जिलों में कहां-कहां जुड़े हैं।
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पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने बताया एसओजी और वन विभाग की टीम ने बेड़ीनाग थाना क्षेत्र के राईआगर-चौड़मन्या रोड पर कोटेश्वर मंदिर के पास चौखुना निवासी हेमंत आगरी के कब्जे से तेंदुए की आठ फुट और सात फुट लंबी दो खालें बरामद की। इनकी कीमत 14 लाख रुपये आंकी गई है। इन खालों को वह ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जा रहा था। एसपी ने यह भी बताया कि बेड़ीनाग क्षेत्र में वन्य जंतुओं की खालों और अंगों की तस्करी करने वाला गिरोह सक्रिय है। खाल पकड़ने वाली एसओजी टीम के प्रभारी प्रकाश मेहरा, थाना प्रभारी बलवंत कंबोज, कांस्टेबल मनमोहन भंडारी, अनिल मर्तोलिया, यशपाल मेहता, इमरान खान को एसपी ने नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।
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वहीं, आरोपी के खिलाफ वन्य जंतु संरक्षण अधिनियम और वन एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की राईआगर में मोबाइल की दुकान है। 22 साल का यह नौजवान पिछले कुछ समय से वन्य जीव तस्करों के संपर्क में आ गया था। पुलिस अब पूरे गिरोह की जानकारी हासिल कर रही है।
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