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Pithoragarh News: द हिमालयन गोट्स के पांच सदस्यों ने स्येनौ ला पास पर फहराया तिरंगा
Wed, 30 Oct 2024 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 30 Oct 2024 10:45 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। द हिमायलन गोट्स के पांच सदस्यीय दल ने दारमा और व्यास घाटी को आपस में जोड़ने वाले ट्रेकिंग रूट से आदि कैलाश की परिक्रमा कर स्येनौ ला पास में तिरंगा फहराया। दल के चार सदस्यों को परिक्रमा करने में सफलता नहीं मिली। दल सात दिन का कठिन सफर तय कर स्येनौ ला पास पहुंचा।
स्येनौ ला पास को इस वर्ष पर्यटन विभाग ने ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किया है। यह ट्रेक रूट बेहद कठिन है जो दारमा और व्यास घाटी को आपस में जोड़ता है।
द हिमालय गोट्स के नौ सदस्यों ने धारचूला के प्रसिद्ध पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल के नेतृत्व में इस ट्रेक से आदि कैलाश की परिक्रमा करने के लिए बीते 21 अक्तूबर को सफर शुरू किया। 27 अक्तूबर को दल के पांच सदस्य इस कठिन चुनौती को पूरा करने में सफल रहे। उन्होंने स्येनौ ला पास पहुंचकर तिरंगा फहराया। चार सदस्यों को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। पर्वतारोही गर्ब्याल ने कहा कि दल में उत्तराखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, उड़ीसा और कर्नाटक के नीलेश उपाध्याय, अर्जुन गर्ब्यांल, कला बड़ाल, सलीता, स्वातिश्री, मीनाक्षी रावत शामिल रहीं। संवाद
ट्रेक रूट की हालत दयनीय
धारचूला। स्येनौ ला पास ट्रेक को ट्रेक ऑफ द ईयर तो घोषित किया गया है लेकिन इसकी हालत बेहद दयनीय है। इस ट्रेक पर ट्रेकिंग के लिए गए पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेक रूट की हालत पहले से अधिक खराब हुई है। जगह-जगह खतरा है। सरकार को इसे ठीक करने की जरूरत है। यदि ट्रेक रूट ठीक होगा तो यहां ट्रेकरों की आवाजाही बढ़ेगी और पर्यटन कारोबार को नई ऊर्जा मिलेगी।
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वर्ष 2018-19 ट्रेक रूट पर शुरू हुई ट्रेकिंग
धारचूला। स्येनौ ला पास ट्रेक रूट को सीबीटीएस और द हिमायन गोट्स की टीम ने वर्ष 2018-19 में तीन दशक बाद फिर से इस ट्रेक रूट पर ट्रेकिंग शुरू की गई थी। तब से इस रूट पर नियमित ट्रेकिंग हो रही है। अब तक सिर्फ 50 ट्रेकर इस कठिन परिक्रमा को पूरा कर सके हैं।
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स्येनौ ला पास को इस वर्ष पर्यटन विभाग ने ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किया है। यह ट्रेक रूट बेहद कठिन है जो दारमा और व्यास घाटी को आपस में जोड़ता है।
द हिमालय गोट्स के नौ सदस्यों ने धारचूला के प्रसिद्ध पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल के नेतृत्व में इस ट्रेक से आदि कैलाश की परिक्रमा करने के लिए बीते 21 अक्तूबर को सफर शुरू किया। 27 अक्तूबर को दल के पांच सदस्य इस कठिन चुनौती को पूरा करने में सफल रहे। उन्होंने स्येनौ ला पास पहुंचकर तिरंगा फहराया। चार सदस्यों को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। पर्वतारोही गर्ब्याल ने कहा कि दल में उत्तराखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, उड़ीसा और कर्नाटक के नीलेश उपाध्याय, अर्जुन गर्ब्यांल, कला बड़ाल, सलीता, स्वातिश्री, मीनाक्षी रावत शामिल रहीं। संवाद
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ट्रेक रूट की हालत दयनीय
धारचूला। स्येनौ ला पास ट्रेक को ट्रेक ऑफ द ईयर तो घोषित किया गया है लेकिन इसकी हालत बेहद दयनीय है। इस ट्रेक पर ट्रेकिंग के लिए गए पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेक रूट की हालत पहले से अधिक खराब हुई है। जगह-जगह खतरा है। सरकार को इसे ठीक करने की जरूरत है। यदि ट्रेक रूट ठीक होगा तो यहां ट्रेकरों की आवाजाही बढ़ेगी और पर्यटन कारोबार को नई ऊर्जा मिलेगी।
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वर्ष 2018-19 ट्रेक रूट पर शुरू हुई ट्रेकिंग
धारचूला। स्येनौ ला पास ट्रेक रूट को सीबीटीएस और द हिमायन गोट्स की टीम ने वर्ष 2018-19 में तीन दशक बाद फिर से इस ट्रेक रूट पर ट्रेकिंग शुरू की गई थी। तब से इस रूट पर नियमित ट्रेकिंग हो रही है। अब तक सिर्फ 50 ट्रेकर इस कठिन परिक्रमा को पूरा कर सके हैं।