आदि कैलाश में पांच फीट बर्फबारी: बमुश्किल घोड़े-खच्चरों के साथ कुटी लौटे 100 से अधिक ग्रामीण; यात्रा मार्ग बंद
आदि कैलाश में पांच फीट बर्फबारी हुई, जिससे कुटी से आदि कैलाश जाने वाला यात्रा मार्ग बंद हो गया। बर्फ अधिक गिरने के कारण 100 से अधिक ग्रामीण घोड़े-खच्चरों के साथ बमुश्किल कुटी लौट पाए।
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जाड़े का मौसम शुरू होने से पहले हुई शुरुआती बर्फबारी ने जहां आदि कैलाश यात्रियों और पर्यटकों के चेहरे पर खुशी लाने का काम किया है तो वहीं व्यास घाटी के लोगों की दिक्कत बढ़ा दी है। व्यास घाटी में आदि कैलाश, नाभीढांग, कुटी में दो से पांच फिट बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है इससे कुटी से आदि कैलाश को जोड़ने वाला यात्रा मार्ग बंद हो गया है। बर्फ अधिक गिरने से कुटी के 100 से अधिक ग्रामीण घोड़े-खच्चरों के साथ बमुश्किल गांव लौटे हैं। हालांकि धूप खिलने के बाद व्यास घाटी दूधिया चमक बिखेरते हुए पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही है।
सोमवार को मौसम साफ होने और तेज धूप खिलने से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित व्यास घाटी के नाभीढांग, कुटी (12,303 फीट) और आदि कैलाश (14,500 फीट) साफ तौर पर बर्फ की सफेद चादर से लिपटा नजर आया। मौसम साफ होने पर स्थानीय ग्रामीण और यात्री बर्फबारी का लुत्फ उठा रहे हैं। आदि कैलाश (ज्योंलिंगकांग) में दो दिनों में लगभग 4 से 5 फीट बर्फ गिर चुकी है। ग्राम प्रधान नगेंद्र कुटियाल और वाहन स्वामी गुलाब कुटियाल ने बताया कि बर्फबारी के कारण कुटी से आदि कैलाश यात्रा मार्ग फिलहाल बंद हो गया है। बीआरओ की टीम सड़क खोलने के कार्य में जुटी है। ग्रामीण सुप्पो सिंह ने बताया कि आदि कैलाश में अधिक बर्फबारी होने से लगभग 100 ग्रामीण घोड़े-खच्चरों के साथ 20 किमी पैदल यात्रा कर रविवार देर शाम बमुश्किल सुरक्षित अपने गांव कुटी लौटे।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में आदि कैलाश में सुरक्षा कर्मी और लगभग 10 होटल स्वामी मौजूद हैं। वहीं गुंजी से कालापानी और नाभीढांग सड़क खुली होने से वाहनों की आवाजाही सुचारू है। केएमवीएन नाभीढांग के प्रबंधक नरेंद्र बिष्ट ने बताया कि सोमवार को धूप खिलने के बाद मौसम काफी सुहाना हो गया है। नाभीढांग में लगभग दो फीट बर्फ पड़ी है। वहीं अब तक काला नजर आने वाला ओम पर्वत बर्फबारी के बाद अपने प्राकृतिक स्वरूप में लौटा है।
भारी बर्फबारी से फसलों को नुकसान
कुटी गांव में लगभग दो फीट बर्फ पड़ने से फसलों को नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासी कुंवर सिंह कुटियाल और चेत सिंह कुटियाल ने बताया कि आलू, राजमा, मटर और फाफर की फसल को नुकसान होने से ग्रामीण निराश हैं। ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल ने प्रशासन से कृषि और उद्यान विभाग की टीम को क्षेत्र में भेजकर नुकसान का आंकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
लकड़ियों के सहारे आवाजाही
आदि कैलाश और नाभीढांग क्षेत्र में 5 फीट तक बर्फ पड़ने से लोगों को लाठी के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है। अधिकतर ग्रामीण ठंड के प्रकोप से घरों में दुबके हैं। आवश्यक कार्यों के लिए घर से निकल रहे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।