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Pithoragarh News: बेकाबू होने लगी वनाग्नि, बुझाने के लिए कम पड़ गए कर्मचारी
Fri, 04 Apr 2025 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 04 Apr 2025 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में गर्मी बढ़ते ही वनाग्नि बेकाबू होने लगी है। हालात यह हैं कि जिले में अब तक पांच हेक्टेयर से अधिक जंगल जल गए हैं। कई जंगल वनाग्नि की चपेट में हैं। इनमें लगी आग को बुझाने के लिए कर्मी कम पड़ रहे हैं। 3.5 लाख हेक्टेयर जंगल की सुरक्षा के लिए फायर सीजन में सिर्फ 110 फायर वॉचर अब तक तैनात किए गए हैं।
बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय के नजदीक सौड़लेख के जंगल में आग लग गई। वनकर्मी पूरे दिन आग बुझाने में जुटे रहे लेकिन बेकाबू वनाग्नि के आगे उनका कोई बस नहीं चला। देर रात 12 बजे तक वनकर्मी जंगल में डटे रहे, तब जाकर बमुश्किल आग पर काबू पाया जा सका। पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर सतगढ़ के जंगल में तीन दिन बाद भी आग नहीं बुझाई जा सकी है। यह जंगल अब भी वनाग्नि की चपेट में है। इससे वन संपदा को खासा नुकसान पहुंचा है।
जंगलों को वनाग्नि से बचाने के लिए वन विभाग ने पूर्व में 110 फायर वॉचरों की तैनाती की है लेकिन बेकाबू वनाग्नि के सामने ये कर्मचारी कम हैं। वन विभाग ने जल्द ही अन्य फायर वॉचरों की तैनाती का निर्णय लिया है। इनकी कमी के चलते वन विभाग के लिए वनाग्नि की रोकथाम करना चुनौती बन रहा है। संवाद
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ग्राम समितियों का हो रहा गठन
पिथौरागढ़। वन विभाग के मुताबिक जंगलों को आग से बचाने के लिए जनसहभागिता जरूरी है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक जिले में 20 से अधिक ग्राम समितियों का गठन किया जा चुका है। इसमें प्रधान, सरपंच और महिला, युवक मंगल दल के सदस्य शामिल हैं। समिति को वनाग्नि की रोकथाम में सहयोग के लिए 15 से 30 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वन विभाग को उम्मीद है कि यह पहल रंग लाएगी और समितियों के सहयोग से वनाग्नि पर नियंत्रण होगा।
जंगल में आग लगाने वालों का चिह्नीकरण शुरू
पिथौरागढ़। वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को लेकर वन विभाग सतर्क हो गया है। जंगल में आग लगाने वालों का चिह्नीकरण विभाग ने शुरू किया है। विभाग ने इसमें गुप्त सूत्र भी लगाए हैं। वन सरपंचों और ग्रामीणों की भी इसमें मदद ली जा रही है। वन विभाग के मुताबिक जंगल में आग लगाने वालों को सीधे वन अधिनियम के तहत जेल भेजा जाएगा।
इस बार गर्मी अधिक बढ़ने से वनाग्नि की घटनाओं में बढ़ोतरी की संभावना है। इसके लिए विभाग तैयार है। जल्द ही फायर वॉचरों की तैनाती की जाएगी। वनकर्मी जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के लिए गंभीरता से काम कर रहे हैं। जंगलों में आग लगाने वालों का चिह्नीकरण शुरू हो चुका है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
आशुतोष सिंह, डीएफओ, पिथौरागढ़।
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बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय के नजदीक सौड़लेख के जंगल में आग लग गई। वनकर्मी पूरे दिन आग बुझाने में जुटे रहे लेकिन बेकाबू वनाग्नि के आगे उनका कोई बस नहीं चला। देर रात 12 बजे तक वनकर्मी जंगल में डटे रहे, तब जाकर बमुश्किल आग पर काबू पाया जा सका। पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर सतगढ़ के जंगल में तीन दिन बाद भी आग नहीं बुझाई जा सकी है। यह जंगल अब भी वनाग्नि की चपेट में है। इससे वन संपदा को खासा नुकसान पहुंचा है।
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जंगलों को वनाग्नि से बचाने के लिए वन विभाग ने पूर्व में 110 फायर वॉचरों की तैनाती की है लेकिन बेकाबू वनाग्नि के सामने ये कर्मचारी कम हैं। वन विभाग ने जल्द ही अन्य फायर वॉचरों की तैनाती का निर्णय लिया है। इनकी कमी के चलते वन विभाग के लिए वनाग्नि की रोकथाम करना चुनौती बन रहा है। संवाद
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ग्राम समितियों का हो रहा गठन
पिथौरागढ़। वन विभाग के मुताबिक जंगलों को आग से बचाने के लिए जनसहभागिता जरूरी है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक जिले में 20 से अधिक ग्राम समितियों का गठन किया जा चुका है। इसमें प्रधान, सरपंच और महिला, युवक मंगल दल के सदस्य शामिल हैं। समिति को वनाग्नि की रोकथाम में सहयोग के लिए 15 से 30 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वन विभाग को उम्मीद है कि यह पहल रंग लाएगी और समितियों के सहयोग से वनाग्नि पर नियंत्रण होगा।
जंगल में आग लगाने वालों का चिह्नीकरण शुरू
पिथौरागढ़। वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को लेकर वन विभाग सतर्क हो गया है। जंगल में आग लगाने वालों का चिह्नीकरण विभाग ने शुरू किया है। विभाग ने इसमें गुप्त सूत्र भी लगाए हैं। वन सरपंचों और ग्रामीणों की भी इसमें मदद ली जा रही है। वन विभाग के मुताबिक जंगल में आग लगाने वालों को सीधे वन अधिनियम के तहत जेल भेजा जाएगा।
इस बार गर्मी अधिक बढ़ने से वनाग्नि की घटनाओं में बढ़ोतरी की संभावना है। इसके लिए विभाग तैयार है। जल्द ही फायर वॉचरों की तैनाती की जाएगी। वनकर्मी जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के लिए गंभीरता से काम कर रहे हैं। जंगलों में आग लगाने वालों का चिह्नीकरण शुरू हो चुका है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
आशुतोष सिंह, डीएफओ, पिथौरागढ़।