Pithoragarh Forest Fire: सतगढ़ के जंगल में धधकी आग, वन संपदा को नुकसान; कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर सतगढ़ के जंगल में आग लग गई। देर रात तक जंगल धधकता रहा। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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गर्मी बढ़ते ही जंगल आग की चपेट में आने लगे हैं। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर सतगढ़ के जंगल में आग लग गई। देर रात तक जंगल धधकता रहा। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सतगढ़ के नजदीकी जंगल में बीते रविवार की देर शाम आग लग गई। कुछ ही देर में जंगल के बड़े दायरे को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। देररात तक जंगल से आग की लपटें उठतीं रहीं। चीड़, बांज सहित कई प्रजाति के पेड़ जल गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गर्मी बढ़ते ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आने से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।
वन विभाग के मुताबिक इन दिनों लोग जंगलों में झाड़ियों को काटकर उन्हें जला रहे हैं। ऐसे में जंगलों में आग फैल रही है। वन विभाग के मुताबिक गंगासेरी क्षेत्र में झाड़ियां जलाने से आग फैलकर सतगढ़ के जंगल तक पहुंची थी। झाड़ियों को जलाने वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है।
हर साल सतगढ़ और ध्वज के जंगलों तक पहुंचती है आग
सतगढ़ के सरपंच कृष्णा कापड़ी ने बताया कि हर साल गांव के जंगल में आग पहुंचती है। इसका प्रमुख कारण आसपास के लोगों का अपने जंगलों में लापरवाही से झाड़ियों का जलाना है। उन्होंने बताया कि गांव सहित कनालीछीना क्षेत्र के लिए ध्वज के जंगल में मौजूद प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल योजनाएं संचालित होती हैं। वनाग्नि से प्राकृतिक जल स्रोतों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने वन विभाग से जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जंगल में आग लगने की सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई थी, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग एफआईआर दर्ज कराएगा। - एके ध्यानी, रेंजर, डीडीहाट।