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उत्तराखंड: पिथौरागढ़ के धनौदा वन क्षेत्र में लगी भीषण आग, काबू पाने के लिए डीएम ने बनाया मास्टर प्लान
Tue, 26 Apr 2022 10:09 AM IST
सुशील कुमार
एएनआई, पिथौरागढ़
एएनआई, पिथौरागढ़
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 26 Apr 2022 10:09 AM IST
सार
डीएम डॉ. आशीष कुमार चौहान ने कहा कि ऐसी घटनाओं का मुकाबला करने और कार्रवाई करने के लिए हमारे मास्टर कंट्रोल रूम को आपदा प्रबंधन कार्यालय के रूप में शुरू किया जाएगा।
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जंगल में लगी भीषण आग।
- फोटो : एएनआई ट्विटर
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विस्तार
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धनौदा वन क्षेत्र में सोमवार की रात को भीषण आग लग गई। आग पूरे जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है। आग पर काबू पाने के लिए संभागीय वन अधिकारी और जिलाधिकारी के बीच चर्चा हुई।
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डीएम डॉ. आशीष कुमार चौहान ने कहा कि ऐसी घटनाओं का मुकाबला करने और कार्रवाई करने के लिए हमारे मास्टर कंट्रोल रूम को आपदा प्रबंधन कार्यालय के रूप में शुरू किया जाएगा। वहीं, टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर क्षेत्र में पिछले तीन-चार दिनों से जंगल में आग लग रही है।
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पहाड़ों में विकराल होती वनाग्नि अब आबादी क्षेत्र तक पहुंच गई है। बागेश्वर में पांच मकान और दो गोदाम आग की भेंट चढ़ गए। गनीमत रही कि मकानों में कोई नहीं रहता था। नैनीताल से पिथौरागढ़ तक अलग-अलग जगहों में भी जंगल धधकते रहे। बागेश्वर में जंगल की आग की चपेट में आने से कपकोट ब्लॉक के नामतीचेटाबगड़ में पांच मकान जल गए। मकानों में रखा सारा सामान राख हो गया।
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यह मकान बरसात में रहने के लिए बनाए गए थे। इसलिए वर्तमान में इनमें कोई नहीं रह रहा था। वहीं झिरौली, नैणी के जंगलों में लगी आग मैग्नेसाइट के गोदाम तक पहुंच गई। आग की चपेट में आने से दो गोदाम जलकर राख हो गए। दूसरी ओर अल्मोड़ा में जागेश्वर, लमगड़ा और जौरासी वन क्षेत्र में वनाग्नि की घटनाएं हुईं। फायर सीजन में कई हेक्टेयर वन क्षेत्र जलने के साथ ही लाखों का नुकसान हुआ है।