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Pithoragarh News: बेड़ीनाग में गोदाम में रखे गत्तों से धधकी आग
Mon, 15 Apr 2024 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 15 Apr 2024 11:54 PM IST
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बेड़ीनाग के कलुवाखान स्थित गोदाम में लगी आग से उठाता धुंआ। संवाद
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। कलुआखान के पास दोपहर में गोदाम में रखे गत्तों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें वहां स्थित एक शटरिंग गोदाम तक पहुंच गईं। बाद में टैंकर से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे गोदाम में आग लगने से पूरे क्षेत्र में धुंध फैल गई। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक उमराव सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए नगरपालिका और जल संस्थान से टैंकर बुलाए गए। एक घंटे के बाद नगरपालिका का पानी का टैंकर घटनास्थल पर पहुंचा। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
गनीमत रही कि आग दिन में लगी थी, यदि रात के समय लगती तो बड़ी घटना हो सकती थी। बीच बाजार में कबाड़ के बड़े गोदाम में आग पर काबू पाने के लिए एक भी फायर सिलिंडर तक नहीं था। व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश रावत ने क्षेत्र में फायर स्टेशन खोलने और जल संस्थान व नगर पालिका से हमेशा टैंकरों में पानी से भरकर रखने को मांग की है।
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इनसेट
फायर स्टेशन का मामला ठंडे बस्ते में
बेड़ीनाग। दो वर्ष पूर्व सरकार ने फायर स्टेशन की स्वीकृति दी थी। दमकल विभाग ने देवीनगर में जमीन भी चयनित कर ली थी लेकिन इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। स्थानीय लोग लंबे समय से फायर स्टेशन खोलने की मांग कर रहे हैं। आग लगने पर जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड के यहां पहुंचने में चार घंटे का समय लगता है। संवाद
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तड़ीगांव और सूराकोट के जंगल धधके
लोहाघाट (चंपावत)। तपिश बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला लगातार जारी है। बाराकोट ब्लाॅक के तड़ीगांव वन पंचायत और रावलगांव के सूराकोट के जंगल में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। जंगल में आग लगने से क्षेत्र में धुंध छा गई है।
रविवार की रात को तड़ीगांव और सूराकोट के जंगल धू-धूकर जलने लगे। तेज हवाओं के साथ आग ने विकराल रूप ले लिया। जंगल में लगी आग से बांज, चीड़ आदि प्रजातियों के छोटे-बड़े पेड़-पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण चान सिंह, हरीश चंद्र, दिनेश राम ने बताया करीब एक सप्ताह से जंगलों में आग धधक रही है। आग लगने से धुंध छाई हुई है। धुएं से बुजुर्गों, सांस के मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में लगी आग से सड़क पर पत्थर गिर रहे हैं जिसके चलते सड़क में आवाजाही करने वाले लोगों और वाहनों को खतरा बना हुआ है। संवाद
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सोमवार दोपहर करीब 12 बजे गोदाम में आग लगने से पूरे क्षेत्र में धुंध फैल गई। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक उमराव सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए नगरपालिका और जल संस्थान से टैंकर बुलाए गए। एक घंटे के बाद नगरपालिका का पानी का टैंकर घटनास्थल पर पहुंचा। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
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गनीमत रही कि आग दिन में लगी थी, यदि रात के समय लगती तो बड़ी घटना हो सकती थी। बीच बाजार में कबाड़ के बड़े गोदाम में आग पर काबू पाने के लिए एक भी फायर सिलिंडर तक नहीं था। व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश रावत ने क्षेत्र में फायर स्टेशन खोलने और जल संस्थान व नगर पालिका से हमेशा टैंकरों में पानी से भरकर रखने को मांग की है।
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फायर स्टेशन का मामला ठंडे बस्ते में
बेड़ीनाग। दो वर्ष पूर्व सरकार ने फायर स्टेशन की स्वीकृति दी थी। दमकल विभाग ने देवीनगर में जमीन भी चयनित कर ली थी लेकिन इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। स्थानीय लोग लंबे समय से फायर स्टेशन खोलने की मांग कर रहे हैं। आग लगने पर जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड के यहां पहुंचने में चार घंटे का समय लगता है। संवाद
तड़ीगांव और सूराकोट के जंगल धधके
लोहाघाट (चंपावत)। तपिश बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला लगातार जारी है। बाराकोट ब्लाॅक के तड़ीगांव वन पंचायत और रावलगांव के सूराकोट के जंगल में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। जंगल में आग लगने से क्षेत्र में धुंध छा गई है।
रविवार की रात को तड़ीगांव और सूराकोट के जंगल धू-धूकर जलने लगे। तेज हवाओं के साथ आग ने विकराल रूप ले लिया। जंगल में लगी आग से बांज, चीड़ आदि प्रजातियों के छोटे-बड़े पेड़-पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण चान सिंह, हरीश चंद्र, दिनेश राम ने बताया करीब एक सप्ताह से जंगलों में आग धधक रही है। आग लगने से धुंध छाई हुई है। धुएं से बुजुर्गों, सांस के मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में लगी आग से सड़क पर पत्थर गिर रहे हैं जिसके चलते सड़क में आवाजाही करने वाले लोगों और वाहनों को खतरा बना हुआ है। संवाद