{"_id":"6900f987802389c586024ec9","slug":"farmers-will-get-good-prices-for-their-produce-and-will-improve-their-fortunes-through-organic-farming-pithoragarh-news-c-230-1-pth1004-134141-2025-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: उत्पादों के मिलेंगे अच्छे दाम, जैविक खेती से तकदीर संवारेंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: उत्पादों के मिलेंगे अच्छे दाम, जैविक खेती से तकदीर संवारेंगे किसान
Tue, 28 Oct 2025 10:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 28 Oct 2025 10:42 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। जिले में 1700 किसान जैविक खेती की ओर से कदम बढ़ाने जा रहे हैं। कृषि विभाग ने रसायन मुक्त खेती की पहल शुरू करते हुए किसानों का चयन किया है। इस खेती से पैदा होने वाली उपज के अच्छे दाम मिलने से किसानों की आय में इजाफा होगा।
कृषि विभाग राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत 700 हेक्टेयर में जैविक खेती की शुरुआत करेगा। इसके लिए 14 क्लस्टर में 1700 किसानों को शामिल किया गया है। पहले चरण में खेती के लिए जिले को 90 हजार रुपये मिले हैं। जिले के कनालीछीना, मूनाकोट, बिण, मुनस्यारी और डीडीहाट में जैविक खेती होगी।
50 हेक्टेयर के एक कलस्टर में 25 किसान जैविक खेती करेंगे। खेती में उपज उत्पादन के लिए पशुओं के गोमूत्र, गोबर से तैयार खाद का ही प्रयोग खेती में किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इससे पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा। ये उत्पाद सेहत के लिए भी फायेदमंद होंगे। इन जैविक उत्पादों की कीमत अधिक मिलने से किसानों को मुनाफा होगा।
विज्ञापन
-
इनसेट:
28 कृषि सखी देंगी किसानों को प्रशिक्षण
कृषि विभाग ने काश्तकारों को जैविक खेती का प्रशिक्षण देने के लिए हर कलस्टर के लिए दो कृषि सखी नियुक्ति की हैं। 14 कलस्टर में 28 कृषि सखी 1700 किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारियां देंगी।
-- -- -
पांच विकासखंड में प्राकृतिक खेती के लिए तैयार क्लस्टर
विकासखंड कलस्टर
कनालीछीना 04
मूनाकोट 05
बिण 03
मुनस्यारी 01
डीडीहाट 01
-- -- --
कोट:
जैविक खेती रसायन मुक्त होगी। प्राकृतिक उत्पादों से ही खाद और कीटनाशक तैयार कर खेती में उपयोग में लाया जाएगा। इस योजना का मकसद किसानों की आय बढ़ाने का है। - अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
पिथौरागढ़। जिले में 1700 किसान जैविक खेती की ओर से कदम बढ़ाने जा रहे हैं। कृषि विभाग ने रसायन मुक्त खेती की पहल शुरू करते हुए किसानों का चयन किया है। इस खेती से पैदा होने वाली उपज के अच्छे दाम मिलने से किसानों की आय में इजाफा होगा।
कृषि विभाग राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत 700 हेक्टेयर में जैविक खेती की शुरुआत करेगा। इसके लिए 14 क्लस्टर में 1700 किसानों को शामिल किया गया है। पहले चरण में खेती के लिए जिले को 90 हजार रुपये मिले हैं। जिले के कनालीछीना, मूनाकोट, बिण, मुनस्यारी और डीडीहाट में जैविक खेती होगी।
विज्ञापन
50 हेक्टेयर के एक कलस्टर में 25 किसान जैविक खेती करेंगे। खेती में उपज उत्पादन के लिए पशुओं के गोमूत्र, गोबर से तैयार खाद का ही प्रयोग खेती में किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इससे पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा। ये उत्पाद सेहत के लिए भी फायेदमंद होंगे। इन जैविक उत्पादों की कीमत अधिक मिलने से किसानों को मुनाफा होगा।
विज्ञापन
-
इनसेट:
28 कृषि सखी देंगी किसानों को प्रशिक्षण
कृषि विभाग ने काश्तकारों को जैविक खेती का प्रशिक्षण देने के लिए हर कलस्टर के लिए दो कृषि सखी नियुक्ति की हैं। 14 कलस्टर में 28 कृषि सखी 1700 किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारियां देंगी।
पांच विकासखंड में प्राकृतिक खेती के लिए तैयार क्लस्टर
विकासखंड कलस्टर
कनालीछीना 04
मूनाकोट 05
बिण 03
मुनस्यारी 01
डीडीहाट 01
कोट:
जैविक खेती रसायन मुक्त होगी। प्राकृतिक उत्पादों से ही खाद और कीटनाशक तैयार कर खेती में उपयोग में लाया जाएगा। इस योजना का मकसद किसानों की आय बढ़ाने का है। - अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी, पिथौरागढ़