फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Excess magnesium and lime in water are the cause of stone formation

Pithoragarh News: पानी में अधिक मैग्नीशियम और चूना बन रहा है पथरी का कारण

Fri, 20 Feb 2026 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 20 Feb 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
Excess magnesium and lime in water are the cause of stone formation
पिथौरागढ़। पहाड़ी जिले के पानी में मैग्नीशियम और चूने की अधिक मात्रा लोगों को पथरी का मरीज बना रही है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में हर रोज पथरी के पांच से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों का दबाव बढ़ने से ऑपरेशन के लिए वेटिंग शुरू हो चुकी है। जल निगम की जांच में भी अधिकांश पेयजल स्रोतों के पानी में इन खनिजों की अधिक मात्रा सामने आई है।
विज्ञापन

सीमांत जिले में 1400 प्राकृतिक जल स्रोतों से संचालित होने वाली पेयजल योजनाएं बढ़ी आबादी की प्यास बुझाती हैं। जल निगम समय-समय पर इन प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी की जांच करवाता है। पिछले साल हुई जांच में सामने आया है कि करीब 70 फीसदी जल स्रोतों के पानी में मैग्नीशियम और चूने की अधिकता है। यह पानी लोगों में पथरी की दिक्कत पैदा कर रहा है। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक पथरी के मरीज बढ़े हैं। मार्च तक जिला अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित मरीजों को ऑपरेशन के लिए तारीख दी है। अब अन्य मरीजों का अप्रैल महीने में ऑपरेशन होगा। विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि पानी में खनिजों की अधिकता लोगों में पथरी का कारण बन रहा है।
विज्ञापन

पानी में 70 मिलीग्राम मैग्मीशियम तो 80 मिलीग्राम से अधिक है चूना
जल संस्थान के मुताबिक अधिकांश प्राकृतिक जल स्रोतों में 70 मिलीग्राम मैग्नीशियम तो 80 मिलीग्राम प्रति लीटर चूना है। चूने और मैगनीज के पहाड़ों के बीच पानी का बहाव इसका कारण है। मानकों के लिहाज से पानी में 30 मिलीग्राम मैग्नीशियम तो 75 मिलीग्राम प्रति लीटर कैल्शियम यानि चूना होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
पथरी के मरीज बढ़े हैं। दबाव बढ़ने से संबंधित मरीजों को ऑपरेशन के लिए तारीख दी जा रही है। हर मरीज को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए अस्पताल प्रबंधन गंभीर है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़

कोट
प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी की समय-समय पर जांच होती है। अधिकांश जल स्रोतों में मैग्नीशियम और चूने की मात्रा अधिक है। इसमा कारण जिले की भौगोलिक परिस्थितियां हैं। - रंजीत धर्मसक्तू, अधीक्षण अभियंता, जल निगम, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed