{"_id":"665cbc58827a59249403b695","slug":"emphasis-on-adopting-rain-harvesting-for-water-conservation-pithoragarh-news-c-243-1-alm1003-103291-2024-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: जल संरक्षण के लिए रेन हार्वेस्टिंग अपनाने पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: जल संरक्षण के लिए रेन हार्वेस्टिंग अपनाने पर जोर
Mon, 03 Jun 2024 12:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 03 Jun 2024 12:09 AM IST
विज्ञापन
बनबसा (चंपावत)। राजकीय महाविद्यालय में रेन हार्वेस्टिंग पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इसका शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डॉ. आभा शर्मा ने पहाड़ों की जल संचयन प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए तालाब, झील, नदियों, भूमिगत स्रोतों, धारों और नौलों पर दबाव कम कर जल संरक्षण के उपाए बताए।
प्राध्यापक डॉ. सुधीर मलिक ने वर्षा के जल को संरक्षित करने की विधियों, प्रयोग और महत्त्व को समझाया। हिंदी विभागाध्यक्ष हेम कुमार गहतोड़ी, संस्कृत विभागाध्यक्ष उत्तराखंड संस्कृत अकादमी सदस्य डॉ. मुकेश कुमार ने जल संरक्षण के पुराने तरीकों पर प्रकाश डाला।
डॉ. भूप नारायण दीक्षित ने वर्षा के जल को संचित करने पर जोर देते हुए कहा कि देश में लगभग 62 प्रतिशत तालाब और झील विलुप्त हो चुके हैं। उन्होंने जल संकट से बचने को इसे बर्बाद करने से बचने और रेन हार्वेस्टिंग अपनाने पर जोर दिया। वहां डॉ. शशि प्रकाश सिंह, अनिल सिंह राणा, त्रिलोक चंद्र कांडपाल, विनोद कुमार चंद, नरसोनू, अमर सिंह के अलावा छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राध्यापक डॉ. सुधीर मलिक ने वर्षा के जल को संरक्षित करने की विधियों, प्रयोग और महत्त्व को समझाया। हिंदी विभागाध्यक्ष हेम कुमार गहतोड़ी, संस्कृत विभागाध्यक्ष उत्तराखंड संस्कृत अकादमी सदस्य डॉ. मुकेश कुमार ने जल संरक्षण के पुराने तरीकों पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
डॉ. भूप नारायण दीक्षित ने वर्षा के जल को संचित करने पर जोर देते हुए कहा कि देश में लगभग 62 प्रतिशत तालाब और झील विलुप्त हो चुके हैं। उन्होंने जल संकट से बचने को इसे बर्बाद करने से बचने और रेन हार्वेस्टिंग अपनाने पर जोर दिया। वहां डॉ. शशि प्रकाश सिंह, अनिल सिंह राणा, त्रिलोक चंद्र कांडपाल, विनोद कुमार चंद, नरसोनू, अमर सिंह के अलावा छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। संवाद
विज्ञापन