{"_id":"5a6dfada4f1c1bca798b6682","slug":"drinking-water-in-the-area-of-drinking-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल मंत्री के क्षेत्र में पानी काे हाहाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल मंत्री के क्षेत्र में पानी काे हाहाकार
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 28 Jan 2018 10:01 PM IST
विज्ञापन
पानी काे हाहाकार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के विधानसभा क्षेत्र में लोग पीने के पानी के लिए तरस गए हैं। रविवार को नगर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई नहीं हुई। सिमलगैर क्षेत्र में पानी की सप्लाई तो हुई लेकिन इतना गंदा पानी आया कि लोग उसे पी नहीं पाए।
विज्ञापन
नगर के घंटाकरण, सेरा, खड़कोट, नगर पालिका जोन के जगदंबा कॉलोनी, गांधीनगर और आधे टकाना क्षेत्र में पानी की बूंद नहीं टपकी। पानी नहीं आने से लोगों का सुबह से जलधारों, हैंडपंपों में जुटना शुरू हो गया। दोपहर तक लोग पानी की ही व्यवस्था में लगे रहे। जल संस्थान ने सिमलगैर क्षेत्र में पानी की सप्लाई की, लेकिन पानी इतना गंदा था कि लोग उसे पीने के काम में नहीं ला सके।
विज्ञापन
सीमांत यूथ मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील खत्री ने बताया कि सिमलगैर में रविवार को गंदे पानी की सप्लाई हुई। इससे साफ है कि जल संस्थान पेयजल टैंकों की सफाई में ध्यान नहीं दे रहा है, लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। इससे पहले कई दिनों तक नगरपालिका जोन और टकाना क्षेत्र में पानी की सप्लाई नहीं हुई थी। लोगों में जल संस्थान के खिलाफ जबरदस्त रोष है।
विज्ञापन
जल संस्थान के अधिकारियों का गैर जिम्मेदाराना रवैया
पानी की सप्लाई न होने के कारणों की जानकारी के लिए जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना के फोन नंबर 9411113344 पर कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद अवर अभियंता सीएम चनकन्याल को फोन मिलाया गया, उन्होंने भी फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई। जल संस्थान के अधिकारियों के फोन न उठाने की बातें पहले भी सामने आती रहीं हैं। हालांकि, प्रदेश सरकार के अधिकारियों को 24 घंटे फोन खुला रखने के निर्देश हैं, पेयजल मंत्री इसी विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, बावजूद इसके जल संस्थान के अधिकारियों का गैर जिम्मेदाराना रवैया सामने आ रहा है।