फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Doli village disputes do not reach the legal threshold

Pithoragarh News: कानून की दहलीज तक नहीं पहुंचते दोली गांव के विवाद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Oct 2025 10:38 PM IST
विज्ञापन
Doli village disputes do not reach the legal threshold
 प्राथमिक विद्यालय दोली में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मंजू देवी के साथ मौजूद ग्राम प्रध
पिथौरागढ़। थानों में मुकदमेबाजी और न्यायालयों में दायर वादों के पुलिंदे भरे हुए हैं जबकि सीमांत जिले पिथौरागढ़ के दोली गांव की सामाजिक समरसता बेमिसाल है। गांव के विवाद आज तक थाने और न्यायालय तक नहीं पहुंचे हैं। हैरानी की बात यह है कि गांव के किसी ग्रामीण के खिलाफ भी कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। यही वजह है कि पुलिस ने इस गांव काे मुकदमेबाजी मुक्त घोषित किया है।
विज्ञापन

दरअसल, मामूली झगड़ों में ही लोग थाना-कोतवाली पहुंच जाते हैं और मुकदमा दर्ज करा देते हैं। यही वजह है कि थाने, कोतवाली में मुकदमों की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। जिले के मूनाकोट विकासखंड के दोली गांव का कोई भी मामला पंचायत गठन के 60 साल के इतिहास में थाने और न्यायालय में नहीं पहुंचा है। इस वजह से इस गांव को मुकदमेबाजी मुक्त गांव घोषित किया गया है। पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सर्वे के आधार पर दोली गांव ने यह अनोखी उपलब्धि हासिल की है। इसको लेकर गांव चर्चा में है।
विज्ञापन

------------------
गांव में ही सुलझाए जाते हैं सभी विवाद
पिथौरागढ़। करीब 500 की आबादी वाले दोली गांव में भी अन्य गांवों की तरह ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद होना आम है। ग्रामीण अपनी सूझबूझ से एकमत होकर इन विवादों को आपस में ही सुलझाने की परंपरा को आगे बढ़ाते आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद करना सही नहीं है। यदि ऐसा होता भी है तो आपस में सुलझाना ही समझदारी है। पुलिस और कचहरी के चक्कर काटने में समय और धन दोनों की ही बर्बादी है। इसमें आपसी सौहार्द भी बिगड़ने का खतरा अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------
ग्रामीणों के सम्मान में आयोजित हुआ समारोह
पिथौरागढ़। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मुकदमेबाजी मुक्त ग्राम अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय दोली में सम्मान समारोह आयोजित किया। प्राधिकरण की सचिव मंजू देवी ने ग्राम प्रधान मनोज और ग्रामीणों को प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, कांस्टेबल महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
---------------
प्रतिक्रिया
गांव का मुकदमेबाजी मुक्त घोषित होना हर ग्रामीण के लिए गौरव की बात है। हमारे गांव में सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। ऐसे में विवाद की संभावना शून्य है। यदि किसी कारण किसी भी तरह का विवाद हो भी गया तो इसे आपसी सहमति से सुलझा लिया जाता है। -मनोज भट्ट, ग्राम प्रधान, दोली

---
कोट:
ग्राम पंचायत दोली के इतिहास में आज तक यहां के किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई मामला पुलिस और न्यायालय तक नहीं पहुंचा है। पूरी जांच-पड़ताल के बाद इस गांव को मुकदमेबाजी मुक्त गांव घोषित किया है। -गोविंद बल्लभ जोशी, सीओ, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article