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पहाड़ी के लगातार दरकने से जल्दी सड़क खुलने की उम्मीद नहीं

Sun, 24 Mar 2019 11:51 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Sun, 24 Mar 2019 11:51 PM IST
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Do not expect to open the road early from the hill
राष्ट्रीय राजमार्ग में गुड़ौली के समीप ब्लास्टिंग के बाद दरकी पहाड़ी। - फोटो : AMAR UJALA
ब्लास्टिंग के बाद पहाड़ी टूटने से बंद हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग छठे दिन भी नहीं खुल सका। पहाड़ से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क में जमा मलबा हटाने में परेशानी हो रही है। इसके चलते सड़क के खुलने में अभी और समय लग सकता है। सड़क बंद होने से चर्मा, ओगला, डीडीहाट से लेकर धारचूला तक सब्जी सहित अन्य जरूरी वस्तुओं की किल्लत शुरू हो गई है। 
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19 मार्च की शाम को टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाइवे में गुड़ौली में चट्टानों को काटने के लिए की गई ब्लास्टिंग से पूरी पहाड़ी दरकरकर सड़क पर आ गई थी। हजारों टन मलबा और बोल्डर सड़क पर गिरने से पिछले छह दिनों से एनएच बंद पड़ा है। धारचूला के यात्रियों को पीपली जबकि डीडीहाट क्षेत्र के यात्रियों को थल मुवानी होते हुए जिला मुख्यालय के लिए आवागमन करना पड़ रहा है। अधिकांश स्थानीय गांवों के लोग चट्टानी मार्ग से होकर ट्रांसमेंटशिप के जरिए आवागमन कर रहे हैं। लगातार छह दिनों से सड़क के बंद होने से क्षेत्रवासी परेशान हो गए हैं। मलान, अजाड़ीगांव, बंदरलीमा सहित स्थानीय गांवों के लोगों को जरूरी सामान के लिए चट्टानी मार्ग से जान जोखिम में डालकर गुड़ौली या कनालीछीना जाना पड़ रहा है। 
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मुवानी और पीपली से लंबा फेरा होने से सब्जी और अन्य जरूरी सामान के ज्यादातर वाहन जिला मुख्यालय से इन क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं। इसके चलते सब्जी सहित अन्य सामान का अभाव शुरू हो गया है। दो दिन के भीतर सड़क में आवागमन सुचारु नहीं होने पर गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। 
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सीमा सड़क संगठन ने सड़क खोलने के लिए रविवार को भी मलबा हटाने का काम जारी रखा। ग्रिफ के इंचार्ज अमोल डे ने बताया कि सड़क खोलने के लिए 60 मजदूर और जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने से काम में बाधा आ रही है। सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों के अनुसार सोमवार की शाम तक सड़क खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि पहाड़ी से मलबा गिरता रहा तो इसमें लंबा समय भी लग सकता है। 

दोगुना किराया देने को मजबूर लोग
कनालीछीना। पिछले छह दिनों से गुड़ौली में सड़क बंद होने से धारचूला के यात्रियों को पीपली मार्ग से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। इसी तरह से डीडीहाट के यात्री भी थल होते हुए आवागमन कर रहे हैं। इसमें लोगों को दोगुना किराया देना पड़ रहा है। जबकि समय की बर्बादी भी हो रही है। 

ब्लास्टिंग से हिलने लगते हैं मकान
कनालीछीना। सड़क कटिंग के लिए अंधाधुंध ब्लास्टिंग करने से मकान हिल रहे हैं। अजाड़ीगांव निवासी दिनेश पांडेय, चारु चंद्र पांडेय, दीपक पांडेय, डीएन पांडेय, जीवन पांडेय आदि ने बताया कि कई बार ब्लास्टिंग के पत्थर उनके घरों तक पहुंच जाते हैं। ब्लास्टिंग के दौरान घरों के बाहर निकलने में चोटिल होने का खतरा बना रहता है। मलबे से घास के जंगल पूरी तरह से पट चुके हैं। पर्यावरण को काफी क्षति पहुंच रही है। 

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ग्रिफ के मजदूरों ने टेंट का स्थान बदला
कनालीछीना। एनएच में जिस स्थान पर पहाड़ी दरकी है वहां पर पुल का निर्माण किया जाना है। सीमा सड़क संगठन ने मौके पर सामान और उपकरणों की देखरेख के लिए रात में दो मजदूर तैनात किए गए हैं। इस स्थान पर हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में कई लोगों की मौतें हो चुकी हैं। रात में पहरेदारी कर रहे जगदीश कुमार और जय सिंह के अनुसार इस गधेरे से पिछले कुछ दिनों से रात को डरावनी आवाजें आ रही हैं। भयभीत मजदूरों ने पुराने स्थान से टेंट उखाड़कर दूसरे स्थान पर लगा लिया है। 

 
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